प्रत्येक कठिनाई से अपने मित्र को बचाता है सदमित्र और वो संसार में बढ़ी मुश्किल से मिलता है : पं. शर्मा

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:00 AM IST

Jhabua News - गाेवर्धननाथजी की हवेली में ब्रजकमल मनोरथ के दर्शन हुए। भास्कर संवाददाता | झाबुआ श्री गोवर्धननाथजी की हवेली...

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गाेवर्धननाथजी की हवेली में ब्रजकमल मनोरथ के दर्शन हुए।

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

श्री गोवर्धननाथजी की हवेली की स्थापना के दिव्य अलौकिक 151वें पाटोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीमद भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव 16 जून तक चलेगा। इससे पहले 6 जून से प्रारंभ हुई भागवत कथा की विश्रांति हुई। ग्वालियर से आए भागवताचार्य सतीश शर्मा शास्त्री ने पुष्टिमार्गीय वल्लभाचार्य की परिपाटी के अनुसार सात दिनों तक गोस्वामी दिव्येशकुमारजी की उपस्थिति में भक्तिरस का पान कराया।

कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र सुनाते हुए पंडित सतीश ने कहा जो भगवान प्राणी मात्र में तथा चराचर में व्याप्त है उसको हमें पहचानना होगा। यमुनाजी की रज एवं ब्रज की रज का पौराणिक महत्व है। सुदामा भगवान के सखा हैं और निस्वार्थ भावना से उन्होंने अपने मित्र कृष्ण से मित्रता बनाए रखी। शास्त्रीजी ने कहा सुदामा का अर्थ है जिसने अपने प्रेम की डोरी में भगवान को बांध रखा हो वही सुदामा होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि यदि मेरे भक्त मेरी तरफ एक कदम बढ़ाते हैं तो मैं उनके लिए 60 कदम बढ़ाता हूं। भगवान को ठाकुर बना दे और आप दास बन जाएं और उनकी सेवा करें तो प्रभु अपनी कृपा उड़ेलते है। सुदामा गृहस्थी होकर भी अनासक्त बने रहे। शास्त्रजी ने कहा भागवत कथा वह अद्भुत ग्रंथ है जो कभी समाप्त नहीं होता है। सुदामा चरित्र सुनाते हुए पं. सतीश शर्मा शास्त्री ने कहा सदमित्र प्रत्येक कठिनाई से अपने मित्र को बचाता है। संसार में सदमित्र बड़ी मुश्किल से ही मिलता है। कृष्ण सुदामा की मित्रता एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा मित्रता जीवन की आवश्यक आवश्यकता है, किंतु यह स्मरण रहे कि हम जिससे मित्रता कर रहे हैं, उसकी सदवृत्ति हो। दुष्वृत्ति युक्त मित्र घातक होता है।

दिव्येशकुमारजी ने पं. शास्त्री का सम्मान किया

दिव्येशकुमारजी ने कथा के समापन पर पंडित सतीश शर्मा शास्त्री का आभार माना। सभी से भागवत के गुणों को आत्मसात करने का आव्हान किया। उन्होंने पंडित सतीश शर्मा का साफा पहनाकर तथा शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। विभिन्न सामाजिक संस्था, यमुना महिला मंडल, आसरा ग्रुप, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, नपा अध्यक्ष मन्नुबेन डोडियार सहित कई लोगों ने व्यासपीठ पर विराजित भागवताचार्य का स्वागत किया। आरती व प्रसादी वितरण के साथ समापन हुआ। पश्चात भागवतजी का चल समारोह निकाला गया। पैलेस गार्डन से गोवर्धन मंदिर पर भागवतजी को ले जाया गया ।

ब्रजकमल मनोरथ मे दर्शनार्थियों का लगा तांता

बुधवार रात शयन के समय ‘कृपा रस नयन कमल दल फूले’ संगीतमय भजन के साथ मंदिर परिसर में विशाल झांकी बनाई गई। जहां भगवान कमल दल पर विराजित होकर सभी को दर्शन प्रदान किए। दिव्येशकुमारजी ने भगवान गोवर्धननाथ, गोपालजी एवं राधाजी को ब्रज कमल में बिराजित कर दिव्य दर्शन कराए। सभी श्रद्धालु कतार बद्ध होकर दर्शन कर मंदिर के पिछले दरवाजे से सुभाष मार्ग की ओर निकले।

कथा के अंतिम दिन आरती करते श्रद्धालु।

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