सिंचाई के लिए किसानों को नहीं मिलती बिजली

Jhabua News - जिले में इस बार औसत से अधिक वर्षा होने के कारण रबी का रकबा बढ़ा है। कुएं, बावड़ी, नदी-नालों में सिंचाई के लिए पर्याप्त...

Dec 04, 2019, 09:15 AM IST
जिले में इस बार औसत से अधिक वर्षा होने के कारण रबी का रकबा बढ़ा है। कुएं, बावड़ी, नदी-नालों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मौजूद है। लेकिन किसान बिजली नहीं मिलने से इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। दिन में बिजली नहीं मिलने से किसानों को खेतों में रात-रात भर जाग कर परेशान होना पड़ा रहा है।

इधर...बिजली के बढ़े हुए बिलों से किसानों की आर्थिक परेशानियां अलग बढ़ रही है। किसानों की परेशानी को लेकर भाजपा ने बीते दिनों जिला मुख्यालय पर बिजली कंपनी कार्यालय का घेराव किया था। जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए थे। किसानों ने दो घंटे तक खंडवा-वडोदरा राजमार्ग भी जाम कर दिया था। जिसके बाद बढ़े हुए बिलों के निराकरण के लिए अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली दे पाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसका प्रमुख कारण जोबट तहसील की ग्रिड से जोबट नगर सहित 67 गांव जुड़े हैं। फीडरों से घरेलू और कृषि कनेक्शनों को अलग नहीं किया गया है। जिससे फीडर पर लोड बढ़ता है और पर्याप्त वॉल्टेज किसानों को नहीं मिल पाता है। वॉल्टेज नहीं मिलने से उनकी पानी की मोटरें जल रही है।

क्योंकि 3 ग्रिड से जुड़े हैं 67 गांव, घरेलू और कृषि कनेक्शन अलग न होने से फीडर पर बढ़ता है लोड

किसानों का दर्द... रात में सिंचाई करते समय सांप ने काटा, पैर में पड़ गई सड़न

फैक्ट फाइल

3 ग्रिड से 68 गांव जुड़े हैं

9 हजार कनेक्शन जोबट ग्रिड से

5 कनेक्शन डाबड़ी ग्रिड पर

5 हजार कनेक्शन खट्‌टाली ग्रिड पर

17500 कनेक्शन घरेलू और गैर घरेलू

5 हजार कृषि कनेक्शन

क्षेत्र में बोवनी की स्थिति

फसल लक्ष्य बाेवनी

गेहूं 4365 3775

मक्का 2259 2140

चना 1916 1541

(अन्य फसलों सहित कुल 7474 हेक्टेयर में बोवनी की गई है)

ग्राम काली खेतर के किसान दिनेश पिता छट्‌ठू ने बताया कि दिन में सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल रही है। पानी देने रात में खेतों में भटकना पड़ता है। करीब 15 दिन पहले रात में सिंचाई करते समय सांप ने काट लिया था लेकिन मुझे पता नहीं चला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हूं। पैर में सड़न लग चुकी है। परिवार में दूसरे काम करने वाले नहीं है। ऐसे ही अस्पताल में पड़ा रहा तो मेरी फसल नष्ट हो जाएगी।

वॉल्टेज नहीं मिलता 4 बार जल गई मोटर

किसान राजू मोटला निवासी उमदा ने बताया दिन में जो बिजली दी जा रही है। उसका वॉल्टेज इतना कम होता है कि मोटर चालू करने पर जल जाती है। मैं 4 बार अपनी मोटर सुधरवा चुका हूं। मोटर सुधारने वालों के पास इतनी भीड़ लगी होती है कि 8-8 दिन तक मोटर वापस नहीं मिलती। ऐसे में मोटर सुधारने के रुपए तो लगते ही है। सुधरने तक सिंचाई नहीं कर पाते हैं।

24 में 14 घंटे सिंगल फेस बाकि 3 फेस रहती है बिजली

क्षेत्र के 5 हजार किसानों को वर्तमान में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। कृषि के लिए सुबह के 6 घंटे 3 फेस बिजली और रात में 4 घंटे बिजली सप्लाय की जा रही है। 14 घंटे सिंगल फेस लाइन घरेलू कनेक्शन चलाने के लिए दी जा रही है। सिंगल फेस से मोटर नहीं चलती है। कृषि का लोड बढ़ने के कारण फीडर ओवरलोड होते हैं। क्षेत्र के किसान इस समस्या से जूज रहे हैं।

हमने दो नए ग्रिड के लिए प्रस्ताव भेजा है


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