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गुटखा खाते-खाते बस में चढ़ रहा था क्लीनर, हाथ फिसलने से नीचे गिरा... पिछले पहिये की चपेट में आया, मौके पर मौत
चेतावनी- तंबाकू जानलेवा है ...और यहां ले ही ली जान
गुटखे की लत ने एक बस क्लीनर की जान ले ली। गुटखा खाते-खाते बस में चढ़ने के प्रयास में वो गिर पड़ा और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। महज 2 सेकंड के युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गुटखा उसके हाथ में ही रह गया।
घटना सोमवार सुबह करीब 10.15 बजे की है। राठौड़ बस सर्विस की आलीराजपुर से थांदला रूट पर चलने वाली बस (एमपी 69 पी 0395) ने स्थानीय जोबट नाके पर सवारी उतारी। बस का क्लीनर मकना कहारिया सोलिया (42) गुटखा खाते-खाते चलती बस में अगले दरवाजे से चढ़ने लगा। इस दौरान संतुलन बिगड़ जाने से वह सड़क पर गिर पड़ा। बस के पिछले टायर की चपेट में आने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ड्राइवर ने बस को भगा ले जाकर थाने में खड़ा कर दिया।
पौन घंटे तक शव पड़ा रहा, भोपाल से अनुमति मिली, तब जाकर उठाया
एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। एसआई दिलीप गौड़, यातायात प्रभारी संतोष गुप्ता व अन्य पुलिसकर्मियों ने शव के दोनों तरफ बेरिकेड्स लगाए। उसके बाद 108 पर व अस्पताल फोन लगाकर एम्बुलेंस मंगवाई गई। अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं होने की बात कही गई। 108 वालों ने कहा वे लाश को नहीं ले जा सकते। इसके बाद गुप्ता वहां से निकलने वाले अनेक वाहनों को रोक रोककर उनसे शव को अस्पताल तक ले जाने का आग्रह करते रहे। कोई वाहन चालक इसके लिए तैयार नहीं हुआ। करीब पौने घंटे बाद दीनदयाल चलित चिकित्सालय का वाहन वहां से गुजर रहा था। पुलिस ने उसके चालक से शव को अस्पताल तक ले जाने को कहा। उसने पहले तो मना कर दिया, फिर बोला भोपाल मुख्यालय पर बात कर लो। वहां से अनुमति मिलने पर वो शव को अस्पताल छोड़ देगा। पुलिस ने भोपाल बात कर अनुमति ली। तब कहीं जाकर शव अस्पताल पहुंचाया जा सका।
जोबट नाके पर हादसा- पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लिया, सोंडवा का रहने वाला है क्लीनर
मुझे पता ही नहीं चला, वो कब उतरा बस से : हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर कालू को हिरासत में ले लिया। इससे पहले उसने बताया कि मकना कब बस से उतरा मुझे पता ही नहीं चला। उसने बस आगे बढ़ाने का इशारा किया, मैंने बस आगे बढ़ाई। कुछ लोगों ने चिल्लाकर कहा- कि कोई नीचे दब गया है। इसके बाद मुझे इस बारे में पता चला। मेरी कोई गलती नहीं है।