झाबुआ में गेर नहीं, थांदला में निकली फाग यात्रा
शनिवार को रंगपंचमी पर नगर में फाग यात्रा निकाली गई। आयोजन फाग उत्सव समिति ने किया। गणेश मंदिर पर राधा कृष्ण की तस्वीर की पूजा अर्चना के पश्चात स्थानीय आजाद चौक से फाग यात्रा शुरू हुई। बैंडबाजों की धुन पर यात्रा ने पूरे नगर में भ्रमण किया।
युवा वर्ग गुलाल उड़ाते हुए चल रहा था। आगे-आगे बच्चे नृत्य करते चल रहे थे। यात्रा जहां से भी गुजरी सड़कें गुलाल से रंग गई। रास्ते में कई लोग फाग यात्रा में शामिल हुए। प्रमुख मार्गो से होती हुई यात्रा सांवरिया सेठ मंदिर पर पहुंची। जहां सामूहिक महाआरती कर महाप्रसादी बांटी गई। सामाजिक समरसता प्रमुख कैलाश आचार्य, फाग उत्सव समिति के संयोजक कपिल पाठक, भूषण भट्ट, रोहित बैरागी, धवल अरोड़ा, बिट्टू सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता कर इसे सफल बनाया।
थांदला. फाग यात्रा में गुलाल उड़ाते चल रहे थे लाेग।
झाबुआ में कोरोना वायरस का डर, गेर निकली ना हुरियारे नजर आए
झाबुआ | इस बार शहर में रंग पंचमी फीकी रही, इसके पीछे वजह काेरोना वायरस का डर बताया जा रहा है। ना किसी ने गेर निकाली और ना ही हुरियारों की टोली शहर में नजर आई। इक्का-दुक्का जगह कुछ युवा एक दूसरे को गुलाल लगाते नजर आए।
रंग पंचमी को लेकर लोगों ने उत्साह नहीं दिखाया। हर साल युवाओं की टोली इस दिन एक दूसरे काे रंग लगाती नजर आती थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। द्वितीय शनिवार का अवकाश होने के कारण शासकीय-अशासकीय कार्यालयों में भी रंग पंचमी नहीं खेली गई। हालांकि कुछ निजी स्कूलों में जरूर शिक्षकों ने एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया। लेकिन इस दिन कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ। किसी भी सामाजिक संगठन ने गेर या फाग यात्रा निकालने का आह्वान नहीं किया था। इसके पीछे एक वजह कोरोना वायरस भी बताया जा रहा है। भाजपा ने इस दिन रंग पंचमी को लेकर आयोजन जरूर रखा था, लेकिन एनवक्त पर यह भी नहीं हो पाया। उधर, दिलीप गेट, राजवाड़ा, राजगढ़ नाका में छोटे-छोटे झुंड में युवक रंगों में रंगे नजर आए।