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उज्जैन में होगा प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी का वर्षावास, साधु-साध्वियों के चातुर्मास स्थलों की भी घोषणा की

एक वर्ष पहले
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कल्याणपुरा में होली चातुर्मास के दौरान की घोषणा, देशभर के अनुयायी पहुंचे

प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी कल्याणपुरा में होली चातुर्मास के लिए विराजित है। इसके चलते 12 मार्च को उन्होंने अपने आज्ञानुवर्ती संत-सतियाें के वर्ष 2020 के वर्षावास स्थलों की घोषणा की। प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी ने अपना वर्षावास उज्जैन नमक मंडी श्रीसंघ को प्रदान किया।

समारोह के साक्षी बनने सैकड़ों लोग पहुंचे। अनुयायी इतने अधिक थे कि पंडाल छोटा पड़ गया। इंदौर, बदनावर, रतलाम, थांदला, महिदपुर सहित कई श्री संघ चातुर्मास की विनती लेकर पहुंचे थे। यहां प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी सहित संयतमुनिजी, धर्मेंद्रमुनिजी, संदीपमुनिजी, हेमंतमुनिजी, आदित्यमुनिजी, चंद्रेशमुनिजी, प्रशस्तमुनिजी ठाणा-8 व साध्वी धैर्यप्रभाजी, मुक्तिप्रभाजी, प्रेमलताजी, कुसुमलता, अंगूरबालाजी, प्रषमप्रभाजी, षमप्रभाजी, नित्यप्रभाजी ठाणा-8 सहित 16 साधु-साध्वी विराजित थे। वर्षावास घोषणा समारोह में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश आदि कई प्रांतों से गुरुभक्त पहुंचे। प्रवर्तकश्री ने जैसे ही अपने चातुर्मास की घोषणा उज्जैन के लिए की पंडाल जयकारों से गूंज उठा। कल्याणपुरा संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र खेमसरा, पूर्व अध्यक्ष प्रवीण सुराणा, अभय घोड़ावत, अनिल श्रीश्रीमाल सहित संघ के सदस्य उपस्थित थे। संचालन डॉ. वैभव सुराणा व अरुण छाजेड़ ने किया।

किसका कहां होगा चातुर्मास

संयतमुनिजी आदि ठाणा का चातुर्मास नागदा (धार) में होगा। धर्मेंद्रमुनिजी आदि ठाणा हाटपिपल्या (देवास), संदीपमुनिजी ठाणा- बड़वाह, दिलीपमुनिजी का दाहोद (गुजरात), साध्वी ज्योतिजी आदि ठाणा- इंदौर राजमोहल्ला भंडारी पौषधषाला में चातुर्मास करेगी। साध्वी धर्मलताजी आदि ठाणा- नागपुर (महाराष्ट्र), प्रवीणाश्रीजी ठाणा-5 धार, मधुबालाजी ठाणा-6 रतलाम, धैर्यप्रभाजी ठाणा-3 कसरावद, मुक्तिप्रभाजी ठाणा-5 बामनिया, संयमप्रभाजी संयम ठाणा-7 गोटी (महाराष्ट्र), साध्वी पुण्यशीलाजी के चार सिंघड़े का वर्षावास मेघनगर, बदनावर, देवास व मुल्थान में होगा। समारोह में अनेक श्रीसंघों ने प्रवर्तकश्री के समक्ष साधु- साध्वीजी के वर्षावास व स्थिरवास की विनती रखी।

वर्षावास न मिलने वाले संघ नाराज न हो : प्रवर्तकश्री- प्रवर्तक श्री ने धर्मसभा में कहा वर्ष में 365 दिन होते है। साधु-साध्वा वर्ष भर जिनवाणी सुनाते है। आज का दिन वर्षावास घोषणा का दिन है। श्रावक लोग विनती कर रहे है। सभी की भावना रहती है हमें वर्षावास का लाभ मिले। वर्षावास न मिलने वाले संघ नाराज न हो। जिन संघ को वर्षावास मिले है या नहीं मिले है सभी संघ अच्छी तरह से धर्म-आराधना करें।

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