• Hindi News
  • Mp
  • Jhabua
  • Petlawad News mp news right worship makes the fire of deeds cool coolness is experienced

सम्यक दर्शन आराधना से कर्मों की आग ठंडी होती है, शीतलता का अनुभव होता है

Jhabua News - नवपद ओलीजी के सातवें दिन स्थानक भवन में हुई धर्मसभा में प्रवर्तकश्री ने कहा भास्कर संवाददाता | पेटलावद सम्यक...

Oct 12, 2019, 08:45 AM IST
नवपद ओलीजी के सातवें दिन स्थानक भवन में हुई धर्मसभा में प्रवर्तकश्री ने कहा

भास्कर संवाददाता | पेटलावद

सम्यक दर्शन धर्म का मंगल प्रवेश द्वार है। मजबूत मकान की नींव की तरह है। सम्यक श्रद्धा का सही स्वरूप ही दर्शन में निहित है। नवतत्वों में से क्या छोड़ने योग्य है और क्या धारण करने योग्य है कि समझ सम्यक दर्शन से ही प्राप्त होती है। चंद्रमा के शीतल प्रकाश जैसा दर्शन का स्वरूप बताया गया है। इसकी आराधना से कर्मों की आग ठंडी होती है और जीवन में चंद्रमा की जैसी शीतलता का अनुभव होता है।

यह बात प्रवर्तकश्री जिनेंद्र मुनिजी ने नवपद ओलीजी के सातवें दिन सम्यक दर्शन की आराधना का महत्व समझाते हुए कही। उन्होंने कहा कि देव गुरु और धर्म का सही स्वरूप समझाने और राग-द्वेष के परिणाम घटाने वाले जीव-अजीव व बंध को समझाने वाला सम्यक दर्शन है, जो आत्मा सम्यक रूप से दर्शन को उपलब्ध हो जाता है उसकी भटकन मिट जाती है, वो जन्म-मरण से अयोग्य हो जाती है। प्रवर्तकश्री ने व्रत नियम का लाभ बताते हुए कहा कि नियम, प्रत्याख्यान, सामायिक व्रत, प्रतिक्रमण व्रत की आराधना से जीव हल्का बनता है। कर्मों से छूटने का पुरुषार्थ करता है। प्रति क्षण आत्मा में प्रवेश करने वाले कर्म जो मन के परिणामों को भी दूषित करते हैं उन्हें व पापों को हराने के लिए व्रत नियम श्रेष्ठ साधन व साधना है।

धर्मसभा में अभय मुनिजी ने कहा हर कार्य विचारपूर्वक करने वाला, सदा संतोष में विचरण करने वाला कभी आकुल-व्याकुल नहीं होता है। पहले बच्चा पास होता तो मिठाइयां बंट जाती थीं अब 75 प्रतिशत अंक भी माता-पिता व छात्र को आकुल-व्याकुल कर रहे हैं। क्योंकि संतोष की वृति घटती जा रही है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के यवतमाल से श्रीसंघ पधारा। प्रवक्ता जितेंद्र गेलड़ा ने शेषकाल में विदर्भ क्षेत्र में पधारने की विनती की। मनीष ओरा ने स्तवन के माध्यम से अपने भाव रखे।

X
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना