- Hindi News
- National
- Jhabua News Mp News Ten Day Gangaur Festival From March 18 Cultural Programs And Sports Events For Women
दस दिवसीय गणगौर पर्व 18 मार्च से, महिलाओं के लिए होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल स्पर्धाएं
सकल हिंदू समाज की महिलाओं द्वारा 18 से 27 मार्च तक गणगौर महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें कई संगठन की महिलाएं सहभागिता करेंगी। महिलाओं के लिए दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। आयोजन की तैयारियों के लिए गुरुवार रात पैलेस गार्डन पर महिलाअों की बैठक रखी गई।
बैठक की शुरुआत में आयोजन संचालक नीरजसिंह राठौर ने कहा करीब 4-5 वर्ष से सकल हिंदू समाज की महिलाओं द्वारा गणगौर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महिलाओं ने इस महोत्सव को विशाल रूप प्रदान किया है। हर साल इससे जुड़ रही महिलाओं की एकता समाज को नया संदेश दे रही है। इतिहासविद डाॅ. केके त्रिवेदी ने कहा सत्य सनातन धर्म की जय का आभास इस तरह संयुक्त रूप से हिंदू पर्वों के आयोजन से समाज में एकता स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। परिवार की केंद्र बिंदु नारी होती है, नारी को हमेशा सृजन करने वाली शक्ति माना गया है। घरों में धर्म, संस्कार, सुख, शांति प्रवाहित करने में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने महिलाओं से कहा 10 दिवसीय आयोजन में सकल हिंदू महिला समाज एक अनुकरणीय भूमिका के साथ हिंदुत्व की एकता के लिए काम करें।
नानालाल कोठारी ने कहा गणगौर पर्व मनाने के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा। राजाशाही के समय वर्ष 1943 में सबसे पहले झाबुआ राजमहल में गणगौर की तीन प्रतिमाएं लाई गई थी। जिनकी विधिविधान से पूजा अर्चना कर पर्व मनाया जाता रहा है। कुंता सोनी ने दस दिनों तक होने वाले सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं ने अपने सुझाव भी रखे। बैठक में समाजसेवी अजय रामावत, बैठक में रविराज राठौर, अशोक शर्मा, राजेंद्र सोनी, माहेश्वरी समाज की मीना सोनी, रितु सोडानी, स्वर्णकार समाज से चंचला सोनी, इनरव्हील क्लब से ज्योति रांका, राजपूत समाज से देवकन्या, अरोड़ा समाज से श्यामल दीदी, राजपूत समाज से शीतल जादौन, सर्व ब्राह्मण समाज से सुशीला भट्ट, कीर्ति देवल, कायस्थ समाज से शालिनी सक्सेना, रज्जक समाज से चेतना चौहान, महराष्ट्र समाज से प्रिया सारोलकर, कायस्थ समाज से हरीप्रिया निगम, भावसार समाज से पवित्रा भावसार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।
कोरोना के चलते हमें हमारी पुरातन संस्कृति का अनुसरण करना चाहिए
किरण शर्मा ने कहा गौरगौर कुछ वर्ष पूर्व छोटे पैमाने पर मनाया जाता था। राजवाड़ा में माहेश्वरी समाज सहित एक-दो समाज की महिलाएं इसका आयोजन करती थी। लेकिन अब यह एक भव्य पूर्व और आयोजन बन चुका है। सकल हिंदू समाज की महिलाओं की संकल्पनाओं के चलते यह विराट रूप लेगा। भारती सोनी ने भी गणगोर पर्व के महत्व को बताते हुए कहा गण याने शिवजी और गौर याने पार्वती का प्रतीक है। बालिकाएं सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए व सुहागिन महिलाएं सौभाग्य के लिए इस पर्व को मनाती हैं। उन्होंने कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए कहा हमारी पुरातन संस्कृति में हाथ, पांव धोकर घर में प्रवेश व भोजन के पूर्व हाथ धोने, अस्पताल से आने पर स्नान करने तथा परस्पर हाथ जोडकर अभिवादन करने का संदेश है। आज के परिप्रेक्ष्य में हमें इसका अनुसरण करना चाहिए।
बैठक में सकल हिंदू समाज की महिलाअाें ने सहभागिता की।
बैठक में गणगाैर महाेत्सव काे लेकर अपने विचार रखती भारती साेनी।