चूल : दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर उतारी मन्नत
चूल जलाने के लिए 20 किलो शुद्ध घी का किया इस्तेमाल
_photocaption_चूल जलाने के लिए ग्राम टेमरिया में 110 किलो लकड़ी लगी। यहां 20 किलो शुद्ध की का इस्तेमाल कर अंगारे जलाए गए। वहीं पंथबोराली में 80 किलो लकड़ी व 10 किलो घी का इस्तेमाल हुआ। फोटो | रमेश सोलंकी*photocaption*
_photocaption_करड़ावद | धुलैंडी पर दोपहर बाद पेटलावद तहसील के ग्राम टेमरिया और पंथबोराली में चूल परंपरा का निर्वहन किया गया। दोनों ही गांवों में 40 से अधिक मन्नतधारी चूल पर चले। आयोजन को देखने सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। पिता भी बच्चे को गोद में उठाकर दहकते अंगारों पर चले। वहीं महिलाओं ने भी अंगारों पर चलकर मन्नत पूरी की। टेमरिया में 34 और पंथबोराली में 12 लोग चूल पर चले। *photocaption*