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कपास के भुगतान के लिए फिर कलेक्टर के पास पहुंचे किसान एसडीएम ने व्यापारियों का लाइसेंस निरस्त किया, खाते किए सील
मंडी के पास दुकान लगाकर किसानों को कपास का पैसा नहीं देने के मामले में बुधवार को 50 से ज्यादा किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने बेची गई कपास का पैसा दिलाने की मांग की। किसानों को एसडीएम के पास भेजा गया। एसडीएम ने किसानों को बताया, हमने कार्रवाई की है। पैसा नहीं देने वाले व्यापारी भाइयों का मंडी लाइसेंस निरस्त कर दिया और उनके बैंक खाते भी सीज कर दिए हैं। एसडीएम के इस जवाब पर किसान बोले, हमें कार्रवाई का नहीं पता। कैसे भी करके पैसे दिलवा दो बस। अफसरों ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि जल्दी ही कुछ करेंगे। व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
आरोप है कि मंडी के सामने दुकान लगाकर उपज खरीदने वाले अजय पुरोहित और अजीत पुरोहित ने तीन महीने में 100 के लगभग किसानों को उनके पूरे पैसों का भुगतान नहीं किया। उन्हें सादे कागज की पर्ची पर बकाया पैसों के बारे में लिखकर दे दिया, लेकिन अब पैसा नहीं दे रहे। इसे लेकर भगोरिया के हाट के बावजूद रविवार को मंडी में व्यापार बंद रहा। किसानों ने थाने जाकर भी शिकायत की, लेकिन कुछ हुआ नहीं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बकाया राशि 1 करोड़ के आसपास हो सकती है। पूर्व में एसडीएम ने व्यापारियों पर एफआईआर के लिए कहा था, लेकिन ये नहीं हो पाई। एसडीएम का कहना है, दो और व्यापारी भी इनके साथ हैं।
अभयसिंह खराड़ी, एसडीएम, झाबुआ
किसानों ने एसडीएम से चर्चा की।
1200 दिए, 49 हजार बाकी
>बामनसेमलिया गांव के किसान बसंत खुना मंडोड़ निवासी वड़लिया ने व्यापारी की दी पर्ची बताई। उन्हें 50 हजार 200 रु. देना थे, लेकिन दिए सिर्फ 1200 रु.। 49 हजार बाकी कर लिए। इस बात को एक माह होने को है।
>किसान बदिया पिता वागा निवासी बामनसेमलिया के पूरे 1 लाख 20 हजार रुपए नहीं दिए। बस्सू भीमा डामोर को 2750 रुपए दिए, 43 हजार बाकी हैं। प्रेमसिंह बालू मंडोड़ निवासी वड़लिया को 50 हजार रुपए दिए और 61 हजार देना बाकी है। बुजुर्ग फत्ता जेता कटारा निवासी भोयरा को सिर्फ 2 हजार रुपए और 1 लाख 15 हजार बकाया हैं।
धाेखाधड़ी : कच्ची पर्ची पर बकाया लिखकर खरीदा कपास, 100 से ज्यादा किसानों का पैसा बाकी