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हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं, दोषियों को बचाने की कोशिश अब तक हो रही है, कोर्ट में अपनी बात रखेंगे

Jhabua News - इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज की दूसरे वर्ष की छात्रा नम्रता डामोर की मौत के मामले में सीबीआई ने दूसरी बार...

Feb 15, 2020, 08:05 AM IST

इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज की दूसरे वर्ष की छात्रा नम्रता डामोर की मौत के मामले में सीबीआई ने दूसरी बार क्लोजर रिपोर्ट पेश की। इसमें भी उसने स्पष्ट किया- हमें हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

क्लोजर रिपोर्ट पेश होने के बाद नम्रता के पिता मेहताबसिंह डामोर ने कहा हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं, दोषियों को बचाने की कोशिश अब तक हो रही है। कोर्ट में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि हत्या के कई सबूत मौजूद हैं। पीएम रिपोर्ट भी मुंह दबाकर मौत होने की बात सामने आई थी, लेकिन पहले पुलिस ने और फिर सीबीआई इसे हत्या मानने से इनकार करती रही। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। अपने वकील से बात कर कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।

(जैसा नम्रता के पिता मेहताबसिंह ने कहा)

क्लोजर रिपोर्ट को चैलेंज कर सकते हैं परिजन

एडवोकेट हितेश संघवी ने बताया पीड़ित पक्ष के पास अधिकार है। क्लोजर रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं। क्योंकि परिजनों के पास अपने तर्क हैं। उनका मानना है कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। नम्रता के परिजन सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को हाईकोर्ट में ले जा सकते हैं।

एमएलआई की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने काटा खात्मा

पुलिस ने मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट से जांच करवाई, जिसमें दुर्घटना में चोट लगना पाया गया। जांच के बाद पुलिस ने दिसंबर 2012 में केस का खात्मा कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 15 जुलाई 2015 को हत्या की एफआईआर दर्ज की थी। 30 दिसंबर 2017 को सीबीआई ने इंदौर में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।

व्यापम से जुड़ा तो मामला हाईप्रोफाइल हो गया, राजनीति भी जमकर हुई

नम्रता का शव 7 जनवरी 2012 को उज्जैन जिले के कायथा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। परिवार वालों ने हत्या का आरोप लगाया था। इस कांड के तार उस समय व्यापम महाघोटाले से जुड़े बताए गए, जब यह बात सामने आई कि नम्रता का पहले ग्वालियर में एडमिशन हुआ था और फिर एमजीएम में ट्रांसफर हुआ। फिर संदिग्ध मौत को व्यापम घोटाले से जोड़ा गया। इसपर जमकर राजनीति भी हुई। विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने भाजपा सरकार की जांच पर सवाल उठाए। फिर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।

पीएम रिपाेर्ट... माैत का कारण मुंह दबाकर हत्या करना बताया था

7 जनवरी 2012 को नम्रता का शव कायथा के समीप शिवपुरा-भेरूपुर रेलवे ट्रैक पर मिला था। वो इंदौर-बिलासपुर ट्रेन से जबलपुर जा रही थी, जबकि पुलिस का कहना है कि जबलपुर में उसका कोई परिचित या रिश्तेदार नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉ. बीबी पुरोहित ने नम्रता की मौत का कारण मुंह दबाकर हत्या करना बताया था। 7 जनवरी 2012 को नम्रता ने मोबाइल पर शाम 7.45 बजे तक दोस्तों से बातचीत की थी। पीएम रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। लेकिन इसके बाद जांच उलझती चली गई।

दूसरी बार सीबीआई ने कहा- नहीं मिले हत्या के सबूत

नम्रता मर्डर मिस्ट्री


नम्रता डामोर

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