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नशामुक्त पंचायत को मिलेगा 1 लाख रु. का पुरस्कार

अब नशामुक्त पंचायत अभियान चलेगा, जिसमें पंचायत को नशामुक्त घोषित होने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपए का पुरस्कार...

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 04:01 AM IST
अब नशामुक्त पंचायत अभियान चलेगा, जिसमें पंचायत को नशामुक्त घोषित होने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह अभियान सरकार ने गांवों में बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए शुरू किया है। जिसे योजनाबद्ध तरीके से ग्राम पंचायत में चलाया जाएगा। इसमें ग्रामीणों को नशा रोकने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ ग्राम सभाओं का आयोजन भी किया जाएगा।

नशामुक्त पंचायत बनाने के लिए सरकार की योजना की शुरूआत हो चुकी है, जिसमें जिला स्तर पर भी कमेटी का गठन कर लिया गया है। पूर्णत: नशामुक्त पंचायत को ही सरकार द्वारा घोषित एक लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार सरकार की ओर से 26 जनवरी को दिया जाएगा। जिसके साथ ही सरपंच-सचिव को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

सरकार ने यह योजना गांवों में लगातार बढ़ते जा रहे नशे के कारण शुरू की गई है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र का युवा वर्ग लगातार शराब, स्मैक व गांजे के नशे की आदत में आता जा रहा है। जिसे रोकने अब सरकार ने पंचायत व ग्रामीणों को ही जिम्मेदारी सौंप दी है। उधर ग्रामीणों को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक संगठन व प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्यक्रम रखे जा रहे हैं।

अच्छी पहल

सरकार ने नशा रोकने की शुरू की योजना, ग्राम सभा के माध्यम होंगे प्रयास

ग्राम सभा में की जाएगी पहल

नशामुक्त पंचायत बनाने के लिए पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को नशा रोकने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिसमें शराब, तंबाकू, सिगरेट, स्मैक व गांजे सहित अन्य नशे पर रोकथाम ग्रामीणों के माध्यम से ही लगाई जाएगी। इसके लिए अगल से ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सरपंच-सचिव ग्रामीणों के साथ पंचायत स्तर पर हर गांव व गली-मोहल्ले में नशामुक्ति के लिए लोगों को प्रेरित करने का काम करेंगे। नशामुक्त होने पर पंचायत का प्रस्ताव भी ग्राम सभा में पारित होगा, जिसे राज्य शासन को भेजा जाएगा।

जिला स्तरीय कमेटी

करेगी नशामुक्त घोषित

प्रदेश सरकार की योजना के तहत नशामुक्त पंचायत घोषित ग्राम सभा के माध्यम से ही नहीं होगी, बल्कि प्रस्ताव भेजने के बाद जिला स्तर पर तय कमेटी पंचायत का आंकलन करेगी। जिसमें वह गांव में घूमने के साथ लोगों के चर्चा के बाद फैसला लेगी कि असल में पंचायत नशामुक्त हुई भी है या नहीं। जिला स्तरीय कमेटी के सदस्य जिपं व जनपद से होंगे, जिनके द्वारा यह काम किया जाएगा। इसके बाद ही प्रस्ताव को राज्य शासन के पास पुरस्कार दिलाने भेजा जाएगा।