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क्षेत्रों में लोगों की सुविधाओं के लिए लगाए गए टॉवर 10 साल से बंद, कीमती मशीनें खा रही जंग

पहाड़गढ़ में बीएसएनएल टावर बंद। बीएसएनल के नेटवर्क न मिलने से उपभोक्ता हो रहे परेशान गोठ निवासी संजू तोमर ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 31, 2018, 02:55 AM IST

क्षेत्रों में लोगों की सुविधाओं के लिए लगाए गए टॉवर 10 साल से बंद, कीमती मशीनें खा रही जंग
पहाड़गढ़ में बीएसएनएल टावर बंद।

बीएसएनल के नेटवर्क न मिलने से उपभोक्ता हो रहे परेशान

गोठ निवासी संजू तोमर ने बताया कि सबसे पहले मेरे द्वारा बीएसएनएल की सिम ली थी। क्योंकि उस समय हमारे गांव में बीएसएनएल का टॉवर लगा था। अन्य टॉवर की रेंज तक नहीं आती थी। लेकिन धीरे-धीरे टॉवर बंद रहने लगा। जिसकी वजह से बात करना मुश्किल हो गया। आज भी मेरे पास सिम हैं, मुरैना अंबाह में काम करती है, जैसे ही गांव आता हूं। वह बंद हो जाती है। मुझे मजबूर होकर अन्य कंपनी की एक सिम अलग से लेनी पड़ी है। जिन लोगों के पास सिम है वह अक्सर बंद ही रहती हैं।

निजी कंपनियां उठा रहीं फायदा

जानकारी के मुताबिक 10 साल पहले लगाए बीएसएनएल टावर को यूएफओ सिस्टम के तहत लगाया गया था। जिसका संचालन वर्ल्ड बैंक के माध्यम से कंपनी कर रही थी। इसके बाद यह व्यवस्था बंद हो गई। इस बीच प्राइवेट मोबाइल कंपनियों जैसे आइडिया, रिलायंस आदि कंपनियों ने अपने टॉवर लगा दिए। ऐसे बीएसएनएल कंपनी के पारंपरिक उपभोक्ताओं को सुविधा नहीं मिलने से उन्होंने कंपनी से दूरियां बना ली। धीरे-धीरे बीएसएनएल के उपभोक्ताओं की संख्या में निरंतर कमी देखी जा रही है। जबकि अन्य निजी मोबाइल कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

कई टॉवर से चोरी हो चुका सामान

एसडीओ बीरेंद्र रावत ने बताया कि लंबे समय से टावर बंद थे। वहीं सुरक्षा के लिए लगा गार्ड भी हटा दिया गया था। जिसके कारण कुछ सालों से टॉवर सूने पड़े हुए थे। जिसके कारण कई टॉवरों से सामान चोरी हो गया है। जिसकी रिपोर्ट तक थाने में दर्ज कराईं हैं। जिन टॉवरों पर मशीन लगी हुई हैं, उन टॉवरों को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही कई टॉवरों का बिल भुगतान नहीं हुआ था। जिसके चलते बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया था। उन जगहों के कनेक्शन कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

लंबे समय से बजट के अभाव में बंद हैं टॉवर, फिर से चालू करने की कर रहे कोशिश

पहले टॉवर के लिए बजट आता था। लेकिन लंबे समय से बजट नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र में लगे सभी टॉवर बंद पड़े हुए हैं। फिर भी हम टॉवरों को चालू करने का प्रयास कर रहे हैं। लगभग 6 माह में बंद पड़े टॉवरों को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। वीरेंद्र रावत, एसडीओ, बीएसएनएल कंपनी मुरैना

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