Hindi News »Madhya Pradesh »Kailaras» सीएम ने कहा था- विस चुनाव से पहले शुरू कराएंगे शुगर मिल, हकीकत- अभी तीन साल और लगेंगे

सीएम ने कहा था- विस चुनाव से पहले शुरू कराएंगे शुगर मिल, हकीकत- अभी तीन साल और लगेंगे

आठ साल से बंद शक्कर कारखाने को शुरू करने का आसार नज़र नहीं आ रहे। देनदारियां 30 करोड़ रुपए तक पहुंचीं शक्कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 10, 2018, 03:00 AM IST

सीएम ने कहा था- विस चुनाव से पहले शुरू कराएंगे शुगर मिल, हकीकत- अभी तीन साल और लगेंगे
आठ साल से बंद शक्कर कारखाने को शुरू करने का आसार नज़र नहीं आ रहे।

देनदारियां 30 करोड़ रुपए तक पहुंचीं

शक्कर कारखाना प्रबंधन को कर्मचारियों समेत किसानों व अन्य पार्टियों की 30 करोड़ रुपए की देनदारियां चुकता करना हैं। आठ साल पहले यह देनदारियां 22 करोड़ रुपए तक सीमित थीं लेकिन ब्याज जुड़ते रहने से आठ करोड़ रुपए और बढ़ गईं। शासन चाहता ताे देनदारियों को चुकता कर कारखाना चलाने के लिए 25 करोड़ रुपए का पैकेज दे सकता था लेकिन सहकारिता विभाग ने इसकी गारंटी देना उचित नहीं समझा।

नए प्रस्ताव पर करेंगे विचार

शक्कर कारखाना को चलाने के लिए शासन फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसके लिए 90 दिन का समय दिया गया है। नए प्रस्ताव आने के बाद उन पर विचार किया जाएगा। डा.एमके अग्रवाल, अायुक्त चंबल संभाग

शुगर फेडरेशन से बनवा रहे हैं नया टेंडर

शक्कर कारखाना के मैनेजर रमेश गुप्ता ने सोमवार को नई दिल्ली पहुंचकर नेशनल शुगर फेडरेशन के प्रबंध संचालक समेत तकनीकी सलाहकार जसवीर सिंह व वित्तीय सलाहकार आरके जैन से मुलाकात कर पीपीपी मोड के नए टेंडर प्रोफार्मा के संबंध में चर्चा की।

नेशनल शुगर फेडरेशन से यह भी पूछा गया कि कैलारस शक्कर कारखाना की मशीनरी की वर्तमान कीमत क्या होगी, इसका मूल्यांकन कराने के लिए फेडरेशन को क्या फीस अदा करना होगी। फेडरेशन ने इस काम के लिए तीन लाख रुपए की मांग की है।

इस हाल में मैनेजर रमेश गुप्ता अब यूपी शुगर फेडरेशन के लखनऊ स्थित दफ्तर पर पहुंचकर वहां से नए टेंडर प्रोफार्मा व मूल्यांकन विषय पर बातचीत करेंगे। ताकि यह काम कम खर्च में कराया जा सके।

25 करोड़ में चालू होगा कारखाना

सहकारिता आयुक्त ने दो साल पहले नेशनल शुगर फेडरेशन से आठ लाख रुपए में एक रिपोर्ट तैयार करायी थी जिसमें आठ साल से बंद शक्कर कारखाना को चलाने पर 25 करोड़ रुपए का व्यय बताया था। सरकार इतनी बड़ी राशि को सरकारी खजाने से खर्च करने के पक्ष में नहीं है। इसलिए सरकार ने शक्कर कारखाना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर चलाने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन बीते दो साल में इसके कोई नतीजे जनता के सामने नहीं आए।

तीन साल बाद बन सकेगी चीनी

शुगर इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि शक्कर कारखाना इस साल भी चालू होता है तो हाउस तैयार होने में एक साल का समय लगेगा और क्षेत्र में गन्ना का उत्पादन कराने में दो साल का समय लगेगा। तब जाकर तीसरी साल चीनी का उत्पादन शुरू हो सकेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kailaras

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×