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बूंद-बूंद पानी का इंतजार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 03:05 AM IST

  • बूंद-बूंद पानी 
का इंतजार...
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    जब भी आप पानी बर्बाद करें, एक बार यह तस्वीर जरूर देखें...

    दीपेंद्र जादौन (कैलारस)| जनपद मुख्यालय से 17 किमी दूर स्थित पनिहारी पंचायत की देवखोरी के आदिवासी बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। गांव में लगे दो हैंडपंप बंद हैं इसलिए महिलाएं, बच्चे व पुरुष 3 किमी दूर जंगल में जाकर एक गड्‌ढे में झिर से रिसकर आने वाले पानी को लोटा से बाल्टियों में भरते हैं।

    गांव से 3 किमी दूर गड्‌ढे में झिर से रिसकर इकट्‌ठा हो रहा पानी, आदिवासीदो घंटे में भर पाते हैं एक बाल्टी

    सुबह से दोपहर तक भरते हैं पानी: देवखोरी के श्यामू आदिवासी ने बताया कि झिर से गड्‌ढे में इकट्‌ठे पानी को लोटे से बाल्टी में भरते हैं। एक बाल्टी पानी इकट्ठा करने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। तब कहीं एक घर को पीने का पानी मिल पाता है। महिलाएं-बच्चे दिनभर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

    भास्कर लगातार

    यहां भी संकट: पनिहारी पंचायत में देवखोरी के अलावा चेंटीखेड़ा, तालपुरा सहित दर्जनों पंचायतों में पानी की मारामारी है लेकिन यहां अभी तक पानी परिवहन शुरू नहीं हो सका है। वहीं पानी परिवहन के लिए पंचायत के टैंकर का सरपंच अपने मकान को बनवाने में उपयोग कर रहे हैं।

    विस्तृत खबर पढ़ें पेज 3 पर...

    इन हालातों के लिए बेशर्म सिस्टम जिम्मेदार

    गर्मियों में कैलारस-सबलगढ़ क्षेत्र में व्याप्त पानी संकट की खबरों को भास्कर लगातार उठा रहा है। 26 फरवरी, 3 मई को भी गांवों में पानी के लिए मारामारी की खबरें छपीं। फिर भी पीएचई व जिला प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही...

    पानी परिवहन की नहीं मिली अनुमति: पनिहारी की सरपंच नारायणी जसवंत बघेल की मानें तो हमने पानी परिवहन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा। आवेदन भी दिए लेकिन आला अफसरों ने अनुमति ही नहीं दी।

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