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पॉलीथिन पर प्रतिबंध फिर भी उपयोग कर रहे दुकानदार, नहीं हो रही कार्रवाई

प्रतिबंध के बाद भी नगर में पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है। दुकानदारों द्वारा सामान की बिक्री अमानक पॉलीथिन के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 20, 2018, 03:50 AM IST

पॉलीथिन पर प्रतिबंध फिर भी उपयोग कर रहे दुकानदार, नहीं हो रही कार्रवाई
प्रतिबंध के बाद भी नगर में पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है। दुकानदारों द्वारा सामान की बिक्री अमानक पॉलीथिन के जरिए की जा रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि नगर ही नहीं गांवों में भी पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।

पॉलीथिन का प्रयोग रोकने के लिए मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड ने अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2011 के तहत 40 माइक्रोन से कम पॉलीथिन को अमान की श्रेणी में रखा है। अधिनियम में उल्लेख है कि रिसाइकिल कैरीबैग में खाद्य पदार्थों का भंडारण व पैकिंग नहीं किए जाएं। लेकिन नगर में इसका पालन नहीं हो रहा। इस कारण बाजार में प्रतिमाह क्विंटलों पॉलीथिन की खपत हो रही है। बावजूद इसके नगर परिषद इस ओर कार्रवाई का मन नहीं बना पा रही।

यह होते हैं नुकसान

जमीन की उर्वरा शक्ति का क्षरण।

भूमिगत जल और पर्यावरण प्रदूषण।

गुर्दे और स्किन की बीमारी।

पॉलीथिन खाने से वन्य जीवों और गायों की मौत।

सुप्रीम कोर्ट के भी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने एक मार्च 2011 को सभी नगरीय निकायों को पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। न्यायालय का तर्क था कि अघुलनशील और हानिकारक पॉलीथिन के ढेर से चर्म रोग सहित कई बीमारियां फैलती हैं। इसे खाने से मवेशियों की मौत हो रही है। इसलिए इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए नगर परिषदों द्वारा कार्रवाई की जाए।

अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे

यह सही है नगर में पॉलीथिन का चलन बढ़ने से न केवल नाले-नालियां जाम हैं, बल्कि मवेशियों की जान को खतरा है। नगर में पॉलीथिन के उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए परिषद की बैठक में रणनीति बनाएं। फिर अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। अंजना-ब्रजेश बंसल, अध्यक्ष नगर पंचायत कैलारस

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