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198 किमी लंबे ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट को वित्त विभाग ने दी स्वीकृति, राज्य से मांगी 376 हेक्टेयर जमीन

नैरोगेज को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए जमीन आधिग्रहण करने का काम चल रहा हैं। जौरा अंचल में जमीन अधिग्रहण कर रेलवे...

Danik Bhaskar | Jul 21, 2018, 03:50 AM IST
नैरोगेज को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए जमीन आधिग्रहण करने का काम चल रहा हैं।

जौरा अंचल में जमीन अधिग्रहण कर रेलवे को सुपुर्दी की तैयारी

जौरा अंचल में सिकरौदा, अगरौता, गैपरा, चिरायतनी, बुढैरा, बड़ौना, मैनाबसई, सुमावली, सुमावली सुमावली माफी, थरा, थरा माफी, नूरपुर, मुदावली, गणेशपुरा, टिकटौली गुर्जर,सांकरा, जौरा, अलापुर व टिकटोली माफी के किसानों की जमीन को रेलवे के सुपुर्द किए जाने की तैयारी है।

कैलारस क्षेत्र 14 गांव से निकलेगी रेल लाइन

कैलारस क्षेत्र में आंतरी, नेंपरी, रिठौनियां, कैलारस, डोंगरपुर मानगढ़, कुटरावली, सेमई, कुरौली, बड़ागांव, शेखपुर, तोरिका, दीपैरा, स्यावटा व मकूंदा के किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां से बड़ी रेललाइन निकाली जाएगी।

मुरैना में 19 सर्वें नंबरों की जमीन रेलवे को मिलेगी

मुरैना अनुविभाग के बामौरकलां, जयपुर नयागांव, जैतपुर नूराबाद व पहाड़ी गांव के 19 सर्वे नंबरों की जमीन को किसानों से लेकर उसे रेलवे को सौंपा जाएगा ताकि रायरू से लेकर सुमावली के बीच पहले चरण में बड़ी लाइन बिछाने का काम पूरा हो सके।

रेलवे ने इंटरनेट से लेकर दिए जमीनों के सर्वे नंबर, इसलिए आ रही दिक्कत

राजस्व अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ने भू-अर्जन के लिए इंटरनेट से लेकर जमीनों के जो सर्वे नंबर उपलब्ध कराए हैं, उनके सत्यापन का काम पेचीदा है। इसलिए भूमि स्वामियों की तस्दीक करने और सभी भूमि स्वामियों के दावे-आपत्तियों पर सुनवाई करने में समय लग रहा है। भू-अर्जन की कार्रवाई चार प्रक्रियाओं के बीच से गुजरती है। हर प्रक्रिया में 30 से 60 दिन का समय लगता है। इसलिए किसानों की जमीन के अधिग्रहण में अधिक समय लग जाता है। खास बात यह है कि भू-अर्जन के काम को प्रशासन व रेलवे के अधिकारी मिलजुलकर पूरा करने में जुटे हैं।

सबलगढ़ क्षेत्र में 26 गांव की जमीन का भू-अर्जन, रेलवे को दी जाएगी जमीन

सबलगढ़ क्षेत्र के 26 गांव के किसानों की जमीन का उपयोग बड़ी रेल लाइन बिछाने के लिए किया जाएगा। इसमें खिरका, पचेर, टेंटरा, खोह, छाहर, मांगरौल, काजोना, पूंछरी, पावई, बाबरीपुरा, रामपहाड़ी, कीरतपुर, बोलाज, कैमाराकलां, मानपुर, पासौनखुर्द, तिंदोली, लकेंजरा, देवपुर, सबलगढ़, कुतघान, देवपुर माफी, पासौनकलां, डमेजर, बक्सपुर, गुदयामाफी की जमीनों के भू-अर्जन का काम सर्वे नंबरों के सत्यापन स्तर पर चल रहा है।

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