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आधा घंटे बाद भी नहीं आईं डॉक्टर, रास्ते में हुआ प्रसव

कैलारस अस्पताल में इन दिनों प्रसव के लिए आने वाली प्रसुताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने की ओर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 22, 2018, 03:55 AM IST

आधा घंटे बाद भी नहीं आईं डॉक्टर, रास्ते में हुआ प्रसव
कैलारस अस्पताल में इन दिनों प्रसव के लिए आने वाली प्रसुताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने की ओर जिम्मेदार अफसरों का ध्यान नहीं है। नतीजा गुरुवार की सुबह 9.30 बजे प्रसव के लिए जरेना गांव से कैलारस उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंची गर्भवती महिला के परिजनों द्वारा बार-बार डॉ. कल्पना शर्मा को बुलाए जाने के बाद भी वह अपने क्वार्टर से अस्पताल में नहीं पहुंची। आधा घंटे के बाद जब प्रसुता को असहनीय पीड़ा शुरू हो गई तो परिजन घबरा गए और गर्भवती को लेकर डॉ. शर्मा के क्वार्टर की ओर चल दिए। इसी दौरान बीच रास्ते में ही प्रसव हो गया। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और प्रसूता व नवजात को अस्पताल में भर्ती किया गया।

प्रसूता के पति गब्बर कुशवाह निवासी जरेना ने बताया कि गुरुवार की सुबह मेरी प|ी पूनम को प्रसव पीड़ा होना शुरू हो गई थी। जिसके बाद मैं अपने गांव से सुबह 9.30 बजे कैलारस उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। लेकिन यहां न तो डॉक्टर उपस्थित थे न अन्य स्टाफ। जिसके बाद मैंने अस्पताल से महज 200 मीटर पर बने डॉ. कल्पना के क्वार्टर पर पहुंचकर अपनी प|ी की स्थिति को उन्हें बताया, लेकिन आधे घंटे के बाद भी वह अस्पताल में नहीं पहुंची। इधर मेरी प|ी को प्रसव पीड़ा ज्यादा होनी लगी तो मैं और परिवार के सदस्य घबरा गए। जिसके बाद मैं अपनी प|ी को डॉक्टर को दिखाने के लिए उनके क्वार्टर की ओर चल दिया। उसी दौरान मेरी प|ी ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और मेरी प|ी और बच्चें को अस्पताल में भर्ती किया गया।

प्रसव के नाम पर की जाती है रुपयों की मांग, न देने पर कर देते हैं जिला अस्पताल रैफर

रुपए न देने पर जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया

शैलेंद्र धाकड़ निवासी कटरौली ने गुरुवार की सुबह सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मिश्रा को कैलारस अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकिन शिकायती आवेदन दिया। श्री धाकड़ ने आवेदन में बताया कि मैं अपनी प|ी का प्रसव कराने के लिए बुधवार की शाम 4 बजे कैलारस अस्पताल पहुंचा था। जिसके बाद मुझसे से स्टाफ नर्स द्वारा प|ी का प्रसव कराने के लिए रुपयों की मांग की जाने लगी। लेकिन मैंने रुपए देने से साफ इंकार कर दिया। जिसके बाद मेरी प|ी को अस्पताल से बुधवार की रात आठ बजे जिला अस्पताल की ओर रैफर कर दिया गया। जिसके बाद कैलारस से करीब 7 या आठ किलोमीटर दूरी पर ही मेरी प|ी ने बच्चे को जन्म दे दिया। कैलारस अस्पताल में आने वाली प्रसुताओं के परिजनों से प्रसव के नाम रुपयों की मांग की जाती है और परिजनों द्वारा जब रुपए देने की बात से इंकार किया जाता है तो प्रसुताओं को जिला अस्पताल रैफर कर दिया जाता है।

गलत आरोप लगाए जा रहे हैं

बीएमओ शोभाराम मिश्रा का कहना है कि परिजन अगर प्रसूता को अस्पताल से डॉक्टर के क्वार्टर की ओर न ले जाते तो रास्ते में प्रसव नहीं होता। रुपए की लेने देन की बात बिल्कुल गलत है। प्रसूता के परिजन का आरोप बिल्कुल गलत है।

सूचना मिलते ही मैं घर से निकल रही थी

डॉ. कल्पना शर्मा का कहना है कि प्रसूता की जैसे ही मुझे मिली मैं अस्पताल आने के लिए घर से निकल ही रही थी कि परिजन हड़बड़ाहट में प्रसूता को लेकर मेरे घर की ओर आने लगे और रास्ते में ही प्रसव हो गया। परिजनों का आरोप गलत है।

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