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भागवत कथा के श्रवण मात्र से शरीर में उर्जा उत्पन्न हो जाती है: शास्त्री

भास्कर संवाददाता | कैलारस/पोरसा माहात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता, अस्थायी हो जाता है। भागवत कथा...

Dainik Bhaskar

May 26, 2018, 04:00 AM IST
भागवत कथा के श्रवण मात्र से शरीर में उर्जा उत्पन्न हो जाती है: शास्त्री
भास्कर संवाददाता | कैलारस/पोरसा

माहात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता, अस्थायी हो जाता है। भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन ओर स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। साथ ही उन्होंने कहाकि कथा के श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जीवन में चल रहे सभी क्लेश दूर हो जाते हैं। वहीं व्यक्ति ऊर्जावान हो जाता है। यह बात कैलारस से 14 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध देवी मां बहरारा मंदिर पर धाकड़ धर्मशाला में आयोजित हो रही भागवतकथा के दौरान कथावाचक पंडित कृष्णानंद शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कही।

उन्होंने कथा के दौरान श्रद्धालुओं को शिव-पार्वती के विवाह की कथा भी सुनाई। भागवत कथा का अयोजन नगर परिषद अध्यक्ष अंजना बंसल के द्वारा कराया जा रहा है। कथा के दौरान परीक्षित हरनारायण कलावती बंसल ने अपने पूरे परिवार के साथ भागवान की आरती की। साथ ही कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को जलपान कराया। इस मौके पर बृजेश बंसल, रघुवर दयाल, राधेश्याम, गिर्राज बंसल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

पोरसा|शरीर भगवान की धरोहर है: शरीर जिस पर व्यक्ति नाज करता है वह भगवान का दिया गया प्रसाद है। जिसे खराब करने का अधिकार किसी को नहीं है। लेकिन कुछ लोग नशे की बुरी आदतों में फंस कर अपना शरीर खराब करने में लगे हुए हैं। नशा नाश की जड़ है। इससे हमें स्वयं दूर रहकर दूसरों को इससे दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अगर आप नशा करते हैं तो आपकी संतान भी नशा करने लगेगी। जिससे धन व यश का नाश तो होता ही है। साथ ही आप अपने शरीर को खोखला कर देते हैं। यह बात बाली का का पुरा कुरेठा में आयोजित हो रही भागवत कथा के दौरान आचार्य आनंद शास्त्री ने कही। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को मर्यादा पुरुषोत्तम राम की कथा का भी रस पान कराया।

पोरसा|भक्त के वश में रहते हैं भगवान: भक्त की भक्ति इस कदर होती है कि भगवान को स्वयं चलकर अपने भक्त के पास आना पड़ता है। इसलिए कहा जाता है कि सच्चे भक्त के वश में भगवान होते हैं। यह बात गोरई रजौधा गांव में आयोजित हो रही भागवत कथा के दौरान कथा वाचक राम विभूति शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि भक्त के आसपास भगवान सदैव रहते हैं। मगर भगवान को देखने के लिए शुद्ध मन होना चाहिए। इस धरती पर जो कुछ भी होता है। वह सब प्रभु की ही कृपा है। बतादें कि भागवत कथा का अायोजन राम कुमार उपाध्याय द्वारा कराया जा रहा है। वहीं कथा में आरती अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण युवा संगठन पोरसा ब्लॉक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा द्वारा की गई।

कैलारस|भजन करने से मन की शुद्धि होती है: कैलारस से 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम दीपहरा में सती माता मंदिर पर गोयल परिवार भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। कथा के छटवे दिन कथावाचक संतोषी लाल पराशर द्वारा श्रद्धालुओं को श्री कृष्ण भगवान का जन्म एवं बाल लीलाओं की कथा सुनाई। भगवान के जन्म के उपरांत पंड़ाल में बैठी महिलाओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया। गांव में आयोजित होने वाली भागवत कथा किो लेकर इन दिनों ग्रामीणों में काफी उत्साह बना हुआ है। साथ ही स्थानीय ग्रामीण ही नहीं बल्कि कथा सुनने के लिए हर दिन आसपास के गांवों के लोग भी पहुंच रहे हैं।

कैलारस से 14 किमी दूर स्थित बहरारा मंदिर, कुरेठा में बालिकी का पुरा, गोरई रजौधा व दीपहरा में सती मंदिर पर चल रही है भागवत कथा

कुरेठा, कथा सुनाते हुए राम विभूती शास्त्री।

बहरारा में भागवत कथा सुनते हुए श्रद्धालु।

भागवत कथा के श्रवण मात्र से शरीर में उर्जा उत्पन्न हो जाती है: शास्त्री
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