--Advertisement--

विपरीत परिस्थितियों में मर्यादाओं का पालन करे व्यक्ति: शास्त्री

भगवान राम ने विपरीत परिस्थितियों में भी मर्यादाओं का पालन नहीं छोड़ा। जिसके चलते वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए।...

Dainik Bhaskar

Jun 02, 2018, 04:05 AM IST
विपरीत परिस्थितियों में मर्यादाओं का पालन करे व्यक्ति: शास्त्री
भगवान राम ने विपरीत परिस्थितियों में भी मर्यादाओं का पालन नहीं छोड़ा। जिसके चलते वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। मर्यादाओं का पालन करने से सत्संग प्राप्त होता है और सत्संग से मनुष्य के जीवन का उद्धार हो जाता है। यह प्रवचन शुक्रवार को नगर से चार किलोमीटर दूर कुर्रोली गांव के दुर्गा मंदिर पर चल रही भागवत कथा में पंडित जगदीश शास्त्री कह रहे थे।

यहां भागवत कथा चौथे बामन अवतार की कथा का वर्णन किया गया। इस दौरान भागवताचार्य ने बताया कि जीवन में सत्संग का अत्यंत महत्व है। सत्संग से न केवल मनुष्य को मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि उसके ज्ञान में निरंतर वृद्धि होती है। ईश्वर सभी जगह विद्यमान है। उन्हें हम प्रत्यक्ष आंख से नहीं देख सकते। इसके लिए हमें संतों द्वारा बताएं मार्ग पर चलना होगा। शास्त्रीजी के मुताबिक मनुष्य को क्रोध से हमेशा दूर रहना चाहिए। क्योंकि क्रोध का फल हमेशा विपरीत ही होता है। भागवत कथा के बीच-बीच में संगीतमयी भजनों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। देर शाम कथा में पारीक्षित बने मंदिर के पुजारी भगवान दास महाराज ने भागवत आरती उतारकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया।

धर्म

कैलारस, अंबाह व पोरसा में चल रही भागवत कथा, धार्मिक लाभ ले रहे श्रद्धालु

भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।

भगवान की आराधना से मिलता परम सुख: सुनील शास्त्री

अंबाह| अहंकार व मोह से ग्रसित व्यक्ति को भगवान का सुख प्राप्त नहीं होता। सच्चे मन से भगवान की आराधना करने पर वे आपकी समस्या को न केवल सुनेंगे, बल्कि उसका समाधान भी स्वत: हो जाएगा। निर्मल होकर भगवान की पूजा करने से व्यक्ति को परम सुख की अनुभूति होगी। यह संदेश जालोनी गांव में चल रही भागवत कथा में पंडित सुनील शास्त्री शुक्रवार को श्रद्धालुओं को सुना रहे थे। शास्त्रीजी ने बताया कि संसार में परोपकार से बड़ा कोई दूसरा कार्य नहीं है। बुरे कर्मों का फल मनुष्य को इसी जीवन में भोगना पड़ता है। शास्त्रीजी ने बताया कि जो व्यक्ति भगवान में आस्था रखने के साथ-साथ सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं वे अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि देश का नाम ऊंचा करते हैं। उन्होंने कहा भगवान की पूजा कभी निष्फल नहीं होती। भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रही।

X
विपरीत परिस्थितियों में मर्यादाओं का पालन करे व्यक्ति: शास्त्री
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..