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2 अप्रैल की घटना में दर्ज किए गए मामलों की जांच की जाए : ग्याराम

दलित शोषण मुक्ति मंच ने दिल्ली जाकर राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन भास्कर संवाददाता | कैलारस दलित शोषण मुक्ति...

Dainik Bhaskar

Jul 02, 2018, 04:10 AM IST
दलित शोषण मुक्ति मंच ने दिल्ली जाकर राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

भास्कर संवाददाता | कैलारस

दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के प्रतिनिधि मंडल जिला सचिव ग्याराम धाकड़ के नेतृत्व में 2 अप्रैल की घटना में दलित समाज के निर्दोष लोगों पर दर्ज किए गए मामलों की जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में राष्ट्रपति रामकोविंद को ज्ञापन सौंपा गया।

डीएसएमएम के प्रतिनिधि मंडल के जिला सचिव ने बताया कि 2 अप्रैल के भारत बंद में मारे गए दलित युवकों की मौत की जांच किए जाने की मांग की और उसके बाद से लगातार दलितों पर हो रहे दमन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्हें इस भारत बंद के बाद खासतौर से मुरैना और चंबल इलाके में निशाना बनाकर प्रताड़ित किए जा रहे दलितों की गिरफ्तारियों, वारंटों की जानकारी भी दी गई। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के ब्यूरो सदस्य और दलित शोषण मुक्ति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाषिनी अली के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधि मंडल की बात राष्ट्रपति ने ध्यान से सुनी। वहीं श्री कोविद ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं 2 अप्रैल की घटना को लेकर पुलिया अधिकारियों का कहना है कि हमने गोली नहीं चलाई तो फिर मौतों का ज़िम्मेदार कौन है। मुरैना और ग्वालियर में गोली चलाने वाले लोगों की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में देखे गए हैं। ग्वालियर के विमल और दीपक जाटव के परिजनों का आरोप है कि दोनों मौतें प्राइवेट फायरिंग में हुई हैं। लेकिन आज तक प्रदेश सरकार ने जिनकी गोली चलाते हुए तस्वीर हैं उन्हें गिरफ्तार तक नहीं किया है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि मृतकों के परिवारों को कोई मुआवज़ा भी नहीं दिया गया है। वहीं दलित शोषण मुक्ति मंच व जनवादी महिला समिति व सीपीएस ने इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का आव्हान किया। वहीं पांच जुलाई को जिले में विरोध को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।

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