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दो माह से सामुदायिक व प्राथमिक केंद्र पर डॉक्टर नहीं, 64 पंचायत के मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

जनसंख्या डेढ़ लाख से अधिक, मरीजों को इलाज के लिए जाना पड़ रहा जौरा, कैलारस व मुरैना भास्कर संवाददाता | पहाड़गढ़ ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 20, 2018, 10:15 AM IST

दो माह से सामुदायिक व प्राथमिक केंद्र पर डॉक्टर नहीं, 64 पंचायत के मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज
जनसंख्या डेढ़ लाख से अधिक, मरीजों को इलाज के लिए जाना पड़ रहा जौरा, कैलारस व मुरैना

भास्कर संवाददाता | पहाड़गढ़

आदिवासी पिछड़ा वर्ग बाहुल्य क्षेत्र हर माह बीमारियों से जूझ रहा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टरों को पदस्थ नहीं किया जा रहा है। हर माह किसी न किसी गांव में कोई न कोई बीमारी फैल रही है। इस बात की जानकारी जिला प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारियों को है। फिर भी डॉक्टरों को पदस्थ करने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दो माह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 डॉक्टर पदस्थ थे। लेकिन डॉक्टरों ने जुगाड़ लगाकर अपने स्थानांतरण कराकर चले गए।वर्तमान में बीएमओ डॉ. संदीप शर्मा सामुदायिक केंद्र पर रह गए है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाली पड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों पर डॉक्टरों को पदस्थ नहीं किया है। जिसकी वजह से डेढ़ लाख आदिवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि पहाड़गढ़ जनपद से 64 पंचायत जुड़ी हुई हैं। इन पंचायतों में डेढ़ लाख से अधिक लोग निवासरत हैं। लोगों के उपचार के लिए एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले हैं। जिससे लोगों को उपचार कराने में परेशानी न हो। इसके बावजूद भी लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। आदिवासियों को उपचार कराने के लिए या तो प्राइवेट डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है या फिर जौरा, कैलारस मुरैना जाना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण है कि सामुदायिक व प्राथमिक केंद्रों पर डॉक्टरों का अभाव होना है।

दो महीने पहले अस्पताल में थे पर्याप्त डॉक्टर

सामुदायिक केंद्र पर दो मेडिकल डॉक्टर, दो संविदा डॉक्टर, दो ब्रान्डेड डॉक्टर व चार आयुष डॉक्टर पदस्थ थे। लेकिन सभी ने अपनी जुगाड़ लगाकर अपने मन माफिक स्थानांतरण करा लिया। अब दो माह से मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिसकी वजह से बिना डिग्रीधारियों से उल्टा सीधा पैसा देकर उपचार कराना पड़ रहा है।

डॉक्टर पदस्थ करने के लिए अधिकारियों से मांग कर चुके हैं जनपद-जिला पंचायत सदस्य

सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों को पदस्थ करने के लिए जिला पंचायत सदस्य बलबीर कुशवाह व जनपद पंचायत सदस्य गिरिजा विनोद कुशवाह ने दो माह में कई बार स्वास्थ्य अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों से केंद्रों पर डॉक्टर पदस्थ कराने के लिए मांग की है। इसके बावजूद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

10 पंचायत जुड़ी हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 10 पंचायत जुड़ी हैं। साथ ही कैलारस ब्लॉक की पंचायत के लोग उपचार कराने के लिए केंद्र पर आते हैं। वहीं कंहार भर्रा, पचोखरा, बारा से 54 पंचायत जुड़ी हुई हैं। लेकिन एक भी प्राथमिक केंद्र पर डॉक्टर नहीं हैं। जिसकी वजह से 54 पंचायत के करीब 1 लाख लोगों को उपचार के लिए जौरा या मुरैना जाना पड़ रहा है।

डॉक्टर पदस्थ करने के लिए कई बार वरिष्ठ अफसरों से कहा

डॉक्टरों के अभाव के कारण हम क्षेत्र में बीमारियों के निरीक्षण के लिए नहीं जा पा रहे हैं। डॉक्टर न होने के कारण कंहार, भर्रा, पचोखरा व पारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर पदस्थ नहीं हो पा रहे हैं। इन गांव की दूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50 किलोमीटर दूर है। डॉक्टरों के पदस्थ करने के हमारे कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। संदीप शर्मा, बीएमओ सामुदायिक अस्पताल पहाड़गढ़

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