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चंबल नदी खतरे के निशान से 9 मी. दूर, 60 गांवों में अलर्ट, पहाड़गढ़ व बागचीनी के 62 गांव बाढ़ से घिरे

चंबल नदी में बुधवार को बाढ़ के बाद भी स्टीमर का संचालन किया गया। बाढ़ संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं जल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 26, 2018, 03:05 PM IST

  • चंबल नदी खतरे के निशान से 9 मी. दूर, 60 गांवों में अलर्ट, पहाड़गढ़ व बागचीनी के 62 गांव बाढ़ से घिरे
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    चंबल नदी में बुधवार को बाढ़ के बाद भी स्टीमर का संचालन किया गया।

    बाढ़ संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं

    जल संसाधन विभाग के अफसर चंबल समेत अन्य नदियों में बाढ़ संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रशासन व पुलिस विभाग के अफसरों को नहीं कर रहे हैं। इस कारण होमगार्ड ने अभी तक आपदा प्रबंधन की कोई तैयारी नहीं की है। जबकि कलेक्टर ने एक महीने पहले ही आपदा प्रबंधन को दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए थे।

    पहाड़गढ़ में सोन नदी व नाले उफने, बागचीनी में क्वारी का पानी रपटे पर

    भास्कर संवाददाता | मुरैना

    जिलेभर में हो रही लगातार बारिश से चंबल नदी सहित पहाड़गढ़ की सोन व बागचीनी क्षेत्र की क्वारी नदी में उफान आ गया है। पहाड़गढ़ में जहां सोन नदी में उफान से 12 गांवों का रास्ता पानी से बंद हो गया है। वहीं बागचीनी क्षेत्र में भी क्वारी का पानी रपटा पर चढ़ने से50 गांव के लोगों को 40 किमी का फेरा लगाकर मुरैना आना पड़ रहा है। वहीं चंबल नदी का जलस्तर भी 129 मीटर पर पहुंच गया है,जबकि यहां खतरे का निशान 138 मीटर पर है। ऐसे में प्रशासन ने नदी किनारे बसे 60 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। यहां सरपंच-सचिवों को नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों को पंचायत भवन, स्कूल भवनों में तत्काल शिफ्ट करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

    बुधवार को जिलेभर में 18.3 मिमी औसत बारिश हुई। इसके साथ ही इस सीजन में बारिश का आंकड़ा 309.9 मिमी पर पहुंच गया है। यह बारिश बीते साल की तुलना में 108 मिमी अधिक हैं। बीते साल इस दिन तक 201.4 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आ रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.5 व न्यूनतम 26डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जंगल क्षेत्र में अतिवर्षा के चलते बुधवार को चंबल में बाढ़ के हालात बने गए हैं। शाम पांच बजे चंबल का जलस्तर एक मीटर और बढ़कर 129 मीटर तक जा पहुंचा। यह स्थिति खतरे के निशान से सिर्फ नौ मीटर नीचे है।

    थाना प्रभारियों को किया है अलर्ट

    रपटों पर पानी, ट्यूब के सहारे निकल रहे ग्रामीण, प्रशासन गंभीर नहीं

    बागचीनी रपटा पर क्वारी नदी का जलस्तर सोमवार से बढ़ा हुआ है। बुधवार को रपटा के सवा तीन फीट ऊपर तक पानी चल रहा था। इस कारण 35 गांवों के लोगों का आवागमन जौरा व मुरैना से पूरी तरह कटा रहा। रपटा पर बाढ़ के कारण नंदपुरा, मथुरापुर, बावरी, मोधनी सावंत,बराहना, गुढ़ा, देवगढ़, लोहरीपुरा, पंचमपुरा सुखपुरा व खरिका समेत 35 बड़े-छोटे गांवों के लोग तीन से सामान लेने, इलाज कराने मुरैना नहीं आ पा रहे हैं। इमरजेंसी में लोगों को बुधवार को ट्यूब के सहारे क्वारी नदी पार करते देखा गया। लोग ट्यूब पर रखकर रसोई गैस का सिलेंडर नदी से पार ले जा रहे थे। तो महिलाओं को ट्यूब की मदद से क्वारी नदी पार करायी गई। एक व्यक्ति एक छोटे बच्चे को हाथ से ऊपर कर नदी के पार ले गया। पहाड़गढ़ में किले के नीचे बह रही सोन नदी के जलस्तर में भी तीन फीट की वृद्धि हो गई। इस कारण बुधवार को रपटे के ऊपर से पानी बह रहा था। इस कारण 14 गांव के लोग बुधवार को इमरजेंसी में भी पहाडग़ढ़ मुख्यालय पर नहीं आ सके। लोगों के लिए सिर्फ एक ही विकल्प शेष था कि वे 30 किमी के फेर के बाद पगारा पहुंचे और वहां से कैलारस व पहाडग़ढ़ के लिए आए।

    चंबल के उसैद घाट पर बाढ़ की दशा में स्टीमर के संचालन को रोकने के लिए एसडीओपी अंबाह को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चंबल क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों से कहा गया है कि वे बाढ़ की स्थिति का अपडेट लेते रहें। अमित सांघी, पुलिस अधीक्षक मुरैना

    उसैदघाट पर बाढ़, फिर भी चलाया स्टीमर

    अंबाह-पिनाहट के बीच उसैदघाट पर बुधवार को चंबल में स्टीमर का संचालन किया गया। पुलिस को मालूम था कि चंबल में जलस्तर बढ़कर 129 मीटर तक जा पहुंचा है उसके बाद भी मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई अधिकारी स्टीमर के संचालन को रुकवाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। हालात यह थे कि सुबह से लेकर शाम तक स्टीमर में 40 से अधिक सवारियां बैठाकर उन्हें मनमाने किराए पर नदी पार करायी गई।

    60 गांवों में अलर्ट, सरकारी कर्मचारी तैनात

    चंबल में बाढ़ के हालातों को देखते हुए प्रशासन ने सबलगढ़, जौरा, मुरैना व अंबाह क्षेत्र के 60 गांवों के लोगों के सतर्क रहने के लिए सूचित किया है। लोगों से कहा गया है कि चंबल का जलस्तर कम होने तक कोई भी नदी क्षेत्र में नहीं जाए। प्रशासन ने सरपंच, सचिवों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल समेत पंचायत भवन व सुरक्षित स्थानों पर लोगों को अचानक शिफ्ट किए जाने के प्रबंध सुनिश्चित रखें। इमरजेंसी में अनाज की व्यवस्था भी तैयार रखी जाए ताकि लोगों के खाने का इंतजाम हो सके।

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