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गणपति की स्थापना करने दोपहर 12 से 3 के बीच रहेगा शुभ योग

गजकेसरी योग, बुधादित्य योग और लाभ के चौघड़िया में विराजेंगे विघ्न विनायक भगवान गणेश, शुरुआत कल से भास्कर...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:00 AM IST
गजकेसरी योग, बुधादित्य योग और लाभ के चौघड़िया में विराजेंगे विघ्न विनायक भगवान गणेश, शुरुआत कल से

भास्कर संवाददाता | खाचरौद

भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी गुरुवार से 11 दिवसीय गणेशोत्सव पर्व की शुरुआत होगी। भगवान गणेश की पूजन स्थापना के समय गजकेसरी योग, बुधादित्य योग और दोपहर के समय 12 से 3 के बीच लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा। पूजन स्थापना के लिए यह योग अति उत्तम माना जाता है।

पं. प्रफुल्ल भट्‌ट ने बताया शाम 4.30 से 6 बजे तक शुभ की चौघड़िया भी स्थापना के लिए शुभ है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुबह स्नान से अपनी शक्ति के अनुसार प्रतिमाओं का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। इस दिन चतुर्थी तिथि शाम 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि व भद्रा के कारण गोधूलि से यह त्योहार रात में 11.27 तक रहेगा। व्रत सूर्योदय से पूजा तक रहेगा। गणेश पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी दिन समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले, कृपा के सागर व भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। गुरुवार सुबह 6 से 5.34 शाम तक भद्रा रहेगी, इसलिए मूर्ति स्थापना व पूजा का शुभ समय गोधूलि बेला में सायंकाल 5 बजकर 40 मिनट से रात 9 बजे तक शुभ अमृत, चर चौघड़िया, स्थिर लगन, कुंभ रात्रि 9.30 से 11.27 स्थिर लगन वृषभ भी रहेगा।

ऐसे करें गणेशजी का पूजन

पं. भट्‌ट ने बताया गणेशजी को सिंदूर, मोदक और दूर्वा अधिक प्रिय है। भगवान को 21 दूर्वा अवश्य चढ़ाना चाहिए। 21 लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए। उन लड्डुओं में से पांच लड्डू गणेशजी के पास रखें और 5 लड्डू ब्राह्मण को दान दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में वितरण करना चाहिए। पूजन में विशेष सिंदूर, मगज के लड्डू, दूर्वा, लाल पुष्प, रक्त चंदन, शमी पत्र रखना चाहिए।