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नवनिर्माण के लिए 30 लाख मिले पहली बारिश में बह गया था पुल

खकनार क्षेत्र के भौराघाट में सात साल पहले तुकईथड़, टेमी सहित आसपास के गांवों को सीधे जोड़ने के लिए टेमी और भौराघाट के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:40 AM IST

नवनिर्माण के लिए 30 लाख मिले पहली बारिश में बह गया था पुल
खकनार क्षेत्र के भौराघाट में सात साल पहले तुकईथड़, टेमी सहित आसपास के गांवों को सीधे जोड़ने के लिए टेमी और भौराघाट के बीच 40 लाख रुपए की लागत से बना पुल पहली ही बारिश में बह गया था। निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद शासन ने जांच करवाई। इसमें जिम्मेदार अफसरों को दोषी पाते हुए प्रकरण दर्ज किया गया था। मामला कोर्ट में है लेकिन लोगों की सुविधा को देखते हुए। सात साल बाद फिर से उसी स्थान पर पुल का नवनिर्माण कराने के लिए 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

पुल का निर्माण दो पंचायतों टेमी और भौराघाट को मिलकर कराना है। ताकि दोबारा भ्रष्टाचार न हो। पंचायतों को राशि स्वीकृत होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो रहा है। सरपंच और सचिव को डर हैं कि कहीं निर्माण कार्य में उनसे किसी तरह की लापरवाही न हो जाए। इसलिए रुपए होने के बावजूद काम नहीं शुरू हो रहा है। निर्माण एजेंसी भी पंचायत है। पुराने पुल को तोड़ने की मजदूरी भी लाखों रुपए लगेगी। जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम भौराघाट में विशेष केंद्रीय सहायता 75 ए के तहत 7 साल पहले 40 लाख रुपए की लागत से पुल स्वीकृत किया गया। पुल निर्माण एजेंसी भूजल बीट खंडवा के अफसरों ने कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार किया। पुल पहली बारिश भी नहीं झेल सका और बह गया था। तब से मामला कोर्ट में हैं। ग्रामीण और किसान पुल के अभाव में सालों से परेशानी झेल रहे हैं।

भौराघाट में 7 साल पहले बना पुल पहली बारिश में बह गया था।

पहले अफसरों के भ्रष्टाचार अब पंचायत की उदासीनता

ग्रामीणों ने कहा लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं। सालों से मांग करने के बाद 7 साल पहले पुल बना था लेकिन अफसरों के भ्रष्टाचार के चलते किसी को काई सुविधा नहीं मिल सकी। खेत में आना-जाना मुश्किल हो जाता है। फसलों को लाने ले जाने के लिए जगह नहीं मिलती है। टूटे पूल से निकलने पर बैलगाड़ी फंस जाती है। फसलें गिरने से नुकसान उठाना पड़ता है। पलटने पर लोग घायल होते हैं। नवनिर्माण के लिए लगभग 6 माह पहले 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। पुल दो पंचायतों की सीमा के बीच पड़ता है। इसलिए 15 लाख रुपए ग्राम पंचायत टेमी और 15 लाख रुपए की राशि भौराघाट पंचायत को दी गई है। पंचायतों के सरपंच और सचिव पुल का निर्माण करने में डर रहे हैं। उन्हें डर है कि पुल टूटने का जिम्मेदार उन्हें न बना दिया जाए।

15 किमी का फेरा लगे रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि पुल नहीं होने से तुकईथड़ जाने का रास्ता नहीं मिलता है। गांव सहित आसपास के फलियों में रहने वाले लोगों को 15 किमी का फेरा लगाकर खकनार होते हुए तुकईथड़ जाना पड़ता है। बारिश के समय पूर का पानी कम होने तक घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। पुल बनेगा तो यह समस्या समाप्त होगी। तुकईथड़ की दूरी 5 किमी की रह जाएगी।

मामले में कोर्ट केस है इसलिए नहीं करवा रहे पुल का निर्माण

लगभग 6 माह पहले राशि स्वीकृत हुई लेकिन खातों में नहीं डली है। दो पंचायतों को 15-15 लाख रुपए मिले हैं। सात साल पहले पुल निर्माण में जो घोटाला हुआ वह मामला कोर्ट में है। इसलिए हम अभी निर्माण नहीं करवा रहे हैं। -रामलाल भब्बा, सचिव, ग्राम पंचायत, टेमी

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Web Title: नवनिर्माण के लिए 30 लाख मिले पहली बारिश में बह गया था पुल
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