गुरूपूर्णिमा / दादाजी दरबार में 4 दिनी मेला प्रारंभ, सुबह से लगी भक्तों की कतार



4th day fair in Dadaji durbar, queues of devotees engaged in morning
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4th day fair in Dadaji durbar, queues of devotees engaged in morning

  • शनिवार तक 50 हजार लाेग कर चुके दर्शन, 45 डिग्री हुआ धूनीमाई का तापमान, 25 जत्थाें ने चढ़ाए 300 निशान 
  • 16 जुलाई के चंद्रग्रहण के दाैरान भी मंदिर में सामान्य दिनाें की तरह हाेंगे दर्शन 

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 12:47 PM IST

खंडवा. श्री धूनी वाले दादाजी अाश्रम में गुरुपूर्णिमा उत्सव रविवार से प्रारंभ हो गया है। पर्व के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। रविवार सुबह से भक्तों की लंबी कतार देखी जा रही है। शनिवार को 25 हजार से अधिक भक्ताें ने मंदिर में दर्शन किए और लगभग 25 जत्थाें ने 300 से अधिक निशान चढ़ाए। गुरुवार से शनिवार तक कुल 50 हजार भक्त दर्शन कर चुके हैं। आने वाले चार दिन में यह अांकड़ा लगभग पांच लाख तक पहुंचने की संभावना है। 


अधिक संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा धूनी माई में नारियल और हवन सामग्री भेंट किए जाने से शनिवार रात तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भक्त नंगे पाव हाथाें में निशान थामे कांधे पर रखकर ला रहे हैं। वहीं ट्रेन, बस और ट्रकाें में भी सवार हाेकर सैकड़ाें लाेग आ रहे हैं। यहां मंदिर में बड़े दादा जी श्री केशवानंद महाराज अाैर छाेटे दादाजी श्री हरिहर भाेले भगवान की समाधियाें के दर्शन कर अखंड प्रज्वलित धूनी माई में हवन सामग्री भेंट करेंगे। मंदिर में मेला 14 से 17 जुलाई तक मनाया जाएगा। मुख्य दिवस 16 जुलाई रहेगा। इसी दिन चंद्र ग्रहण भी है। इसका असर अाश्रम के 22 एकड़ परिसर में नहीं हाेगा। मंदिर में सभी कार्यक्रम तय समय पर हाेंगे। लाेग दर्शन भी कर सकेंगे। 

 

भक्त निवास में बुक हाे गए सभी 75 कमरे, ठहरे श्रद्धालु 
भक्त निवास में सभी 75 कमरे बुक हाे गए हैं। 11 एसी रूम में भी श्रद्धालु ठहरे हैं। इसी प्रकार मंदिर परिसर में बने शेड भी भक्ताें की भीड़ से भर गए हैं। पांढुर्ना, छिंदवाड़ा सहित अनेक स्थानाें से लाेग शनिवार काे अाए। 
 मंदिर परिसर में अधिक संख्या में भक्ताें के अाने पर शनिवार रात मंदिर ट्रस्ट ने खिचड़ी की प्रसादी बांटी। करीब पांच हजार लाेगाें ने प्रसादी ग्रहण की। 
 
भीड़ अधिक हाेने पर 6 नंबर गेट से कराए जाएंगे दर्शन 
मंदिर में दर्शन के लिए अभी गेट नंबर 1 से प्रवेश दिया जा रहा है। भक्ताें की संख्या सामान्य रहने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। संभवत: 15 जुलाई साेमवार भीड़ बढ़ने पर 6 नंबर गेट से भक्ताें काे प्रवेश दिया जाएगा। 
 
काैन हैं बड़े दादाजी : अवधूत संत थे 3 दिसंबर 1930 को ली महासमाधि 
श्री 1008 केशवानंद जी बड़े दादाजी महाराज अवधूत संत थे। बड़े दादाजी महाराज के जन्म के विषय में किसी काे जानकारी नहीं है। 1930 में वे बड़वाह से खंडवा आए। 4 दिन बाद 3 दिसंबर 1930 रविवार को महासमाधि ली। 


छाेटे दादाजी : हरिहरानंद नाम रखा था बड़े दादाजी ने, 1942 में ली समाधि 
श्री छोटे दादाजी राजस्थान के डिंडवाना ग्राम के थे। उनका नाम भोरिलाल था। माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। दादाजी ने उनका नाम हरिहरानंद रखा। श्री बड़े दादाजी के साथ ही वे साईंखेड़ा से उज्जैन, बड़वाह होते हुए खंडवा आए थे। 1930 में श्री बड़े दादाजी के समाधिस्थ होने के बाद से उन्होंने श्री दादा दरबार खंडवा का उत्तरदायित्व संभाल लिया। 5 फरवरी 1942 काे उन्हाेंने समाधि ली। 


4 से 5 हजार लाेग आते थे, अब पांच लाख हुई भक्ताें की संख्या 
श्री दादाजी मंदिर के पास रहने वाले 73 वर्षीय बुजुर्ग हरिहर प्रसाद ने कहा मेरे पिता छाेटेलाल चटकेले बड़े दादाजी के साथ सांई खेड़ा से आए थे। मेरा जन्म खंडवा में ही हुआ। बचपन से ही मंदिर में हाेने वाले कार्यक्रमाें में शामिल हुआ। गुुरुपूर्णिमा पर पहले चार-पांच हजार लाेगाें का मेला लगता था। लाेग सीधे 1 नंबर गेट से ही दर्शन करते थे। 15-20 साल से भक्ताें की संख्या बढ़ना शुरू हुई। हर साल यह संख्या बढ़ रही है। अब चार से पांच लाख तक लाेगाें के आने की संभावना है।

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