भजन संध्या / 10 भक्तिगीतों के बाद रात 12 बजे शहनाज ने गाया ' ये भगवा रंग...



कमल तिराहे पर प्रसिद्ध भजन गायक शहनाज अख्तर के भजन सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कमल तिराहे पर प्रसिद्ध भजन गायक शहनाज अख्तर के भजन सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
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कमल तिराहे पर प्रसिद्ध भजन गायक शहनाज अख्तर के भजन सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।कमल तिराहे पर प्रसिद्ध भजन गायक शहनाज अख्तर के भजन सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

  • बालाजी उत्सव, नवरात्रि व दशहरा के उपलक्ष्य में कमल तिराहे पर आयोजन
  • साढ़े तीन घंटे चला कार्यक्रम, करीब 5 हजार श्रोता पहुंचे

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 11:29 AM IST

बुरहानपुर. बालाजी उत्सव, नवरात्रि और दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में कमल तिराहा पर प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर की भजन संध्या हुई। शहनाज ने साढ़े 3 घंटे में दस भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। रात 12 बजे तक 5 हजार श्रोता भक्ति गीतों के मधुर स्वरों में बंधे रहे। गुरुवार रात 8.30 बजे गायिका शहनाज अख्तर ने भगवान गणेश, मां जगदंबा, मां दुर्गा के चित्र का पूजन किया। विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह और महापौर अनिल भोसले ने भी पूजन किया। 

 

गायक शहनाज ने जैसे ही ये भगवा रंग गीत के सुर छेड़े, श्रोता झूम उठे. इसके बाद शहनाज ने मेरे भोले के भोले बाबा..., नैनो से पिलाकर प्याला मोहे अपने रंग में रंग डाला... सहित अन्य भजनों से श्रोताओं की जमकर दाद बटोरी। भजनों पर भीड़ बार-बार बेकाबू होती रही। उन्हें संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भक्तों ने भजनों का लुत्फ उठाया। रात 12 बजे तक शहनाज अख्तर ने करीब 10 भजन प्रस्तुत किए। अंत में उन्होंने ये भगवा रंग... गाकर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

 

10 साल पहले धर्म बदला, अब दुर्गा सप्तशती का पाठ करती हूं-शहनाज अख्तर
मुस्लिम परिवार में जन्मी प्रसिद्ध भजन गायक शहनाज अख्तर अपना धर्म परिवर्तन कर चुकीं हैं। उन्होंने कहा मुझे धर्म परिवर्तन किए 10 साल हो गए हैं। भजन गाना ही मेरा कर्म और कर्मभूमि है। मुझे भजन गाना बहुत पसंद है। मेरी मां दुर्गा में बहुत आस्था है। जब भी समय मिलता है मैं दुर्गा सप्तशती का पाठ करती हूं। सुंदरकांड का भी पाठ करती हूं। जब भी मुझे किसी देवता या प्रसंग पर भजन बनाना होता है, मैं और मेरी टीम उस प्रसंग का पूरी बारीकी से अध्ययन करते हैं।

 

कार्यक्रम के लिए बुरहानपुर आईं ख्यात भजन गायक शहनाज अख्तर ने भास्कर से खासतौर पर चर्चा करते हुए अपने जीवन की यह बातें साझा कीं। हालांकि उन्होंने अपना नाम नहीं बदला है। गुरुवार रात 8 बजे भास्कर से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कई बार लोग भजनों पर आपत्ति जताते हैं तो हमें उन्हें प्रमाणित भी करना पड़ता है। हिंदू देवी-देवताओं पर 100 से ज्यादा एलबम निकाल चुकी हूं। करबला के वाकए पर भी एलबम निकाल चुकी हूं। मुस्लिम समाज से बहुत कम डिमांड आती है।
कमल तिराहे पर शहनाज अख्तर ने भजन गाए।

 

घर के सामने गणेशजी बैठते थे, तब से आस्था बढ़ने लगी
शहनाज ने बताया सिवनी के बरघाट में पिता टेलर का काम करते थे। मैं कुछ समझ पाती, उससे पहले पिता दुिनया से चल बसे। नानाजी ने मेरी परवरिश की। घर के सामने गणेशजी बैठते थे। तब आरती के लिए जाते थे। मां कभी-कभी भजन गाने बैठती थी। तभी से देवी-देवताओं में मेरी आस्था बढ़नी शुरू हुई। ब्वायफ्रेंड की हत्या के मामले में मैं निर्दोष हूं। हाईकोर्ट में केस चल रहा हैं। मुझे फैसले का इंतजार है।

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