खंडवा न्यूज़

--Advertisement--

हैंडओवर के पहले ही बदहाल हो गया 2 करोड़ में बना छात्रावास

दाहिंदा में 2012 में स्वीकृत हुआ था प्री-मैट्रिक छात्रावास भास्कर संवाददाता | देड़तलाई गांव व आसपास के क्षेत्रों...

Danik Bhaskar

Mar 02, 2018, 02:15 AM IST
दाहिंदा में 2012 में स्वीकृत हुआ था प्री-मैट्रिक छात्रावास

भास्कर संवाददाता | देड़तलाई

गांव व आसपास के क्षेत्रों से पढ़ने आने वाली छात्राओं को सुविधा देने के लिए साल 2012 में 2 करोड़ रुपए की लागत से प्री-मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत हुआ। कुछ महीने बाद ठेकेदार ने काम शुरु किया। काम इतनी धीमी गति से किया कि इसे करने में ठेकेदार को 5 साल लग गए। लापरवाही व घटिया निर्माण किया गया। जिससे हैंडओवर से पहले ही भवन का प्लास्टर उखड़ने लगा। 2017 मेें इसे हैंडओवर किया गया। तब से इसका मेंटेनेंस नहीं हुआ।

भवन की दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है। खिड़की-दरवाजों की चौखट निकल गई। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। समस्या बढ़ी तो छात्रावास की अधीक्षक यास्मीन बानो ने शिकायत कलेक्टर दीपकसिंह से की। तब उन्होंने जांच दल बनाकर भवन की जांच करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ठेकेदार ने दिखावे के लिए दीवारों के प्लास्टर की मरम्मत कर दी लेकिन दूसरी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। दूसरी और तीसरी मंजिल के शौचालयों की आउटलाइन पर जो पाइप डाले गए वह गलत तरीके से फीट किए जाने से लीकेज है। जिससे शौचालय के पास पानी जमा होता है। इसकी शिकायत भी कई बार की गई। ठेकेदार ने इन पाइपों को बदलने की जगह पाइप का टुकडा़ डालकर खानापूर्ती कर दी। लीकेज से परिसर में गंदगी हो रही है। कीचड़ जमा हो रहा है। जिससे छात्रावास की कन्याओं सहित पास के आंगनवाड़ी में जाने वाले बच्चों को असुविधा हो रही है। छात्रावास की अधीक्षक यास्मीन बानो ने कहा ठेकेदार की कई बार वरिष्ठ अफसरों से शिकायत की लेकिन समस्या का कोई स्थाई निराकरण नहीं हो रहा है।

Click to listen..