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सज-धजकर आए समाजजन, ढोल-मांदल की थाप पर थिरके

बलवाड़ी में गुरुवार को अंतिम भोंगर्या हाट लगा। इसमें आदिवासी समाजजन सज-धजकर शामिल हुए। होली की खरीदारी की।...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:50 AM IST
बलवाड़ी में गुरुवार को अंतिम भोंगर्या हाट लगा। इसमें आदिवासी समाजजन सज-धजकर शामिल हुए। होली की खरीदारी की। ढोल-मांदल की थाप पर झूमे।

कृषि उपज मंडी के 20 एकड़ में फैले परिसर में झूले, मौत का कुआं एवं हार कंगन, गुड़ की सेंव, संतरे, अंगूर आदि खाद्य पदार्थ सहित खिलौने की दुकानें लगी थी। सुबह 11 बजे से ग्रामीण क्षेत्र से आदिवासी परंपरागत वेशभूषा में सज-धज कर हाट में पहुंचने लगे।

हाट में 20 से अधिक मांदल की टीम आई। दोपहर 2 बजे मांदल की थाप पर कुर्राट भरते समाजजन झूमते चल रहे थे। दोपहर 3 बजे से भोंगर्या हाट में भीड़ बढ़ी। आदिवासी छात्र संघ के युवा भी पारंपरिक वेशभूषा में हाट में पहुंचे। भोंगर्या हाट में हिंगवा केरमला, दूधखेड़ा, चिखली, देवली, मोहनपड़ावा, वरला, धवली, दुगानी, राजनगांव, चिलारिया, रजानी माल, टाकियापानी, जामटी के ग्रामीण शामिल हुए। हाट में ग्राम पंचायत ने पानी की व्यवस्था की थी। वरला थाना प्रभारी करणसिंह रावत सहित पुलिसबल तैनात रहा।

बलवाड़ी में लगे भोंगर्या हाट में एक दुकानदार की हार्टअटैक से मौत हो गई। हाट में काशीनाथ पंवार ने दुकान लगाई थी। सुबह 11 बजे उसे हार्टअटैक आया। जिससे उनकी मौत हो गई।

बलवाड़ी में लगे अंतिम हाट-बाजार में हजारों लोग हुए शामिल, 20 एकड़ में फैले परिसर में झूले, हार कंगन, अंगूर आदि की लगी दुकानें

आदिवासी छात्र संगठन के सदस्य पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में हाट देखने पहंुचे।

हार्टअटैक से दुकानदार की मौत

धवली में 40 से अधिक गांवों के लोग हुए शामिल

धवली |
धवली में बुधवार को भोंगर्या हाट लगा। इसमें 40 से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए। आदिवासी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। मांदल की थाप पर और बांसुरी की धुन पर खूब थिरके। पंचायत ने टैंकर से पानी की व्यवस्था की। वरला थाने का पुलिस बल तैनात रहा।