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बड़वे का कांधा लगते ही दौड़ पड़े एक-दूसरे से बंधे गाड़े, 2 दिनी पारंपरिक गाड़े खींचे गए

होलिका दहन के बाद धुलेंडी व दूज पर नगर सहित क्षेत्र के दो स्थानों पर पारंपरिक रूप से गाड़ा खिंचाई का आयोजन हुआ। यहां...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:30 AM IST
होलिका दहन के बाद धुलेंडी व दूज पर नगर सहित क्षेत्र के दो स्थानों पर पारंपरिक रूप से गाड़ा खिंचाई का आयोजन हुआ। यहां बड़वे का कांधा लगते ही एक-दूसरे से बंधे 7 गाड़े दौड़ पड़े। इस नजारेे को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। लोगों ने खांडेराव महाराज के जयकारे लगाए। शनिवार शाम शिवाजी बाजार चौक में गाड़े खींचे गए।

तीन बार लकड़ी की मकड़ी को घुमाते हुए बड़वा के शरीर में खांडेराव महाराज की सवारी आई। श्रद्धालुओं ने बड़वे को कंधों पर बैठाया और गाड़े खींचने के स्थान तक ले जाया गया। यहां बड़वा मंगत पटेल ने गाड़ा खींचने की रस्म अदा की। वहीं शुक्रवार शाम प्राचीन भवानी माता मंदिर परिसर में बड़वा शेरु यादव ने गाड़े खींचे। यहां पारंपरिक रूप से विभिन्न परिधानों में सजे कलाकारों ने लोकनृत्य से समां बांधा। एक दिनी मेले का आयोजन भी हुआ। इसके अलावा दोगावां में भी एक दिनी मेले का आयोजन हुआ। यहां बड़वा जयप्रकाश वर्मा ने गाड़े खींचे। आसपास के गांवों के श्रद्धालु इस नजारे को देखने पहुंचे।

गाड़े खींचने की परंपरा काे लोगों ने मोबाइल में कैद किया।

गाड़े खींचने की परंपरा देखने महिलाएं व बच्चे भी पहुंचे।

भंडारे में पाई प्रसादी

यादव मोहल्ला स्थित संतश्री खांडेरावजी महाराज मंदिर परिसर में शनिवार को भंडारे का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

इधर, जयकारे के साथ खींचे गाड़े

गाड़े खींचने से पहले उनका पूजन किया गया।

घुघरियाखेड़ी | शुक्रवार शाम शिव मंदिर से शीतला माता मंदिर तक गाड़ा खिंचाई की रस्म निभाई गई। राकेश बाबा ने 7 गाड़े खींचे। गाड़ों पर सवार लोगों ने बाबा के साथ खांडेराव महाराज व नाग देवता के जयकारे लगाए। गाड़ा खिंचाई की रस्म देखने गांव सहित आसपास के 12 गांव के लोग दोपहर में ही पहुंच गए थे। इस परंपरा से पहले पूजा-अर्चना का दौर चला। बाबा ने 5 दिन तक उपवास रखा। नाग मंदिर में 5 दिन तक अखंड ज्योत जलाई गई।