--Advertisement--

भवन निर्माण की अनापत्ति पर एनएचडीसी को एतराज, फाइल एडीआर को भेजी

नगर परिषद और एनएचडीसी के बीच चल रहा कोल्ड वार थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए मामले में एनएचडीसी ने नप के नए कार्यालय...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:05 AM IST
नगर परिषद और एनएचडीसी के बीच चल रहा कोल्ड वार थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए मामले में एनएचडीसी ने नप के नए कार्यालय के निर्माण एवं छनेरा क्षेत्र के पाइप लाइन के संधारण की अनापत्ति में अड़ंगा लगाया है। नप द्वारा भेजी गई भवन निर्माण की फाइल को एनएचडीसी ने एडीआर को भेजा दिया।

गौरतलब है पुनर्वास स्थल हरसूद में 1 अप्रैल 2018 से पेयजल वितरण, स्ट्रीट लाइट प्रबंधन और खर्च एनएचडीसी नहीं उठाएगा। सूत्रों के अनुसार अनापत्ति पत्र प्रक्रिया में आते ही एनएचडीसी में मामला एडीआर कार्यालय (भूमि आवंटन) में भेजा जाना सुनिश्चित किया गया। ऐसी स्थिति में एडीआर द्वारा आवंटन प्रक्रिया अपनाई जाना तय है। जिसमें नप को कार्यालय के लिए भूमि आवंटन की स्थिति में 140 से 200 रुपए वर्गफुट के रूप में बड़ी राशि चुकाने का फरमान जारी होगा। एनएचडीसी की कार्रवाई से यह पोल खुल जाएगी कि जिस गोदाम को अभी तक नगर परिषद का बताया जाता रहा, अब उसी के आवंटन की फाइल चलेगी। पूरे प्रकरण में एनएचडीसी के स्थानांतरण और नप की अनापत्ति के उलझने से कई उलझे मामले भी सामने आना तय है।

एनएचडीसी के स्थानांतरण व नप की अनापत्ति के उलझने से कई मामले भी सामने आना तय

नगर परिषद का पुराना कार्यालय।

एनएचडीसी के गोदाम में लग रहा नप कार्यालय

2004-05 में विस्थापित नगर परिषद को पुनर्वास स्थल के गोदाम में कार्यालय संचालन के लिए शिफ्ट किया। तत्कालीन समय में एसडीएम, तहसील, न्यायालय, पीएचई सहित अन्य प्रमुख कार्यालय भी इन्हीं गोदामों में विस्थापित किए गए। पिछले 14 वर्षों में नप द्वारा एनएचडीसी से कार्यालय भवन निर्माण के लिए पत्राचार किया गया। जवाब में अस्थायी भवन नप को आवंटित बताकर पल्ला झाड़ा जाता रहा। वर्ष 2016 में नगरीय प्रशासन से नप छनेरा को नवीन भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई। भवन निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व प्रक्रिया में भूमि स्वामित्व और अनापत्ति की जरूरत आन पड़ी। 26 फरवरी को नप प्रशासन ने इस आशय का पत्र एनएचडीसी को सौंपकर अनापत्ति चाही।

मंत्री शाह ने की है 50 करोड़ मुआवजा दिलाने की घोषणा

नप में पहली बार भाजपा के जीतने पर मंत्री विजय शाह शपथ कार्यक्रम में डूब क्षेत्र नप हरसूद की चल-अचल संपत्तियों के एवज में 50 करोड़ रुपए मुआवजा एनएचडीसी से दिलाने की घोषणा की थी। एनएचडीसी द्वारा एक अप्रैल से स्थानांतरण की तैयारी में यह घोषणा पूरी होने की संभावना नहीं दिख रही।

एनएचडीसी-एनवीडीए पर नप लगाएगी टैक्स

नगर परिषद 2004 से पुनर्वास स्थल हरसूद में एनएचडीसी और एनवीडीए पर भवनों टैक्स लगा सकती है। साथ ही 14 वर्षों में पुनर्वास स्थल पर साफ-सफाई, संपत्तियों की देखरेख का शुल्क निर्धारण कर सकती है। संपत्ति कर निर्धारण में खाली भूखंड (जो आवंटित नहीं है) ओपन और नर्सरी की भूमि जो वर्तमान में एनवीडीए या एनएचडीसी के आधिपत्य में है, भी शामिल होंगे। 14 वर्षों में 2367 आवासीय सहित 750 से ज्यादा व्यावसायिक भूखंड 244 हेक्टेयर क्षेत्र की साफ-सफाई, भवनों का संपत्ति टैक्स करोड़ों रुपए हो सकता है।

एडीआर कार्यालय को भेजी है फाइल


एनएचडीसी की संपत्तियों पर लगाएंगे टैक्स


बना रहे हैं संपत्तियों की फाइल