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कर्ज माफी के लिए किसान संघ ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

पंधाना तहसील के लिए 12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा धरना आंदोलन किया जा रहा है। शनिवार को आंदोलन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:45 AM IST

कर्ज माफी के लिए किसान संघ ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
पंधाना तहसील के लिए 12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा धरना आंदोलन किया जा रहा है। शनिवार को आंदोलन के सातवें दिन किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार को किसान विरोधी बताकर जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व शुक्रवार को किसानों ने धरनास्थल पर सत्यनारायण भगवान की कथा कराई थी।

भाकिसं तहसील अध्यक्ष भूपेंद्र कुशवाहा ने बताया पहले भी शासन को 12 सूत्रीय मांगों से अवगत करा दिया था। लेकिन सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने बताया सुक्ता डेम की नहर पंधाना से 4 किमी दूर ग्राम बलखड़ तक आई है। इसे पंधाना तक लाकर सिल्टिया नदी से जोड़ दिया जाए तो आसपास के सैकड़ों किसानों की जमीन सिंचित हो सकती है। इससे किसानों की माली हालत सुधर जाएगी। जनप्रतिनिधि व अफसर हर बार झूठे आश्वासन दे देते हैं। मांगों को लेकर ब्लाक के किसान आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। शुक्रवार को एक बार फिर विधायक योगिता बोरकर व एसडीएम हेमलता सोलंकी ने किसानों से मुलाकात कर मांगें शासन तक पहुंचाने की बात कही। विधायक बोरकर ने शनिवार को कहा किसानों की मांगों के मुख्यमंत्री व सांसद तक पहुंचा दिया गया है।

किसान संघ की यह है मांगें

भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगे मनवाने के लिए प्रदर्शन किया।

पंधाना तहसील के किसानों का कर्ज माफ करें।

तहसील के हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाएं।

नगर के किसानों को कपिलधारा योजना का लाभ दिया जाए।

किसानों की आयु 50 वर्ष होने के बाद छह हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाए।

किसान परिवार में एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए।

दुर्घटनावश ( सर्पदंश, कृषि कार्य करते, प्राकृतिक आपदा) मौत होने पर परिवार को 10 लाख रुपए दिए जाएं।

पूरी तहसील में खेत सड़क योजना के काम शुरू किए जाएं।

भगवंत सागर बांध का पानी सिर्फ पंधाना तहसील को दिया जाए। खंडवा को सप्लाई बंद की जाए।

तहसील के सभी किसानों को लागत के आधार पर 50 प्रतिशत लाभांश जोड़कर फसल का मूल्य तय किया जाए।

किसान सबसिडी बंद करते हुए एक ही खाते में सबसिडी दी जाए।

तहसील में कृषि विभाग की पुरानी बंद पड़ी योजनाएं शुरू की जाएं। (जैसे- हलधर, नाडेप, वर्मी, चेक डेम, स्टाप डेम)।

किसानों के बच्चों को सरकारी व निजी संस्थाओं में नि:शुल्क शिक्षा दी जाए।

तहसील में किसान परिवार का सरकारी व निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज किया जाए।

लाइसेंसी व्यापारी केवल मंडी में ही खरीदी करें। नीलामी के समय सभी व्यापारी की उपस्थिति तय की जाए।

मंडी के बाहर उपज खरीदी पूरी तरह बंद करें।

पंधाना मंडी में मिट्‌टी परीक्षण केंद्र का तत्काल प्रारंभ किया जाए।

पंधाना मंडी में किसान केंटीन स्थायी रूप से शुरू की जाए।

भावांतर योजना तत्काल प्रभाव से बंद की जाए।

रबी फसल मक्का भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए।

प्याज का समर्थन मूल्य 22 रुपए किलो तय किया कर खरीफ व रबी दोनों सीजन में खरीदी की जाए।

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