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शिक्षक पति को भरण-पोषण के लिए देना होंगे 10 हजार रु. महीना

कुटुंब न्यायालय ने दिया आदेश, शादी के बाद से ही दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित भास्कर संवाददाता | खंडवा शादी के...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:50 AM IST
कुटुंब न्यायालय ने दिया आदेश, शादी के बाद से ही दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित

भास्कर संवाददाता | खंडवा

शादी के कुछ दिन बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित करने और बेटे के जन्म के बाद प|ी को घर से निकाल देने वाले शिक्षक पति को भरण-पोषण के लिए प|ी को हर महीने 10 हजार रुपए देना होंगे। इस संबंध में कुटुंब न्यायालय ने आदेश दिए हैं। पति होशंगाबाद जिले के सरकारी स्कूल में पदस्थ है। वहीं प|ी खंडवा की रहने वाली है।

जानकारी अनुसार दोनों का विवाह 7 मई 2010 को खंडवा में हुआ था। इसमें करीब ढाई लाख रुपए का गृहस्थी का सामान भी दिया गया। दुल्हन ससुराल पहुंची। लेकिन 15-20 दिन बाद ही पति और उसके परिजन द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। यहां तक कि उसे किचन में तक नहीं जाने दिया जाता। पालतू मवेशियों की देखरेख सहित अन्य काम कराया जाता। पेट भर खाना भी नहीं देते। इस दौरान दोनों का एक बेटा भी हुआ। दहेज में पांच लाख रुपए और चार पहिया वाहन मांगा जाता। पति ने मारपीट कर प|ी को घर से निकाल दिया। उसने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस की समझाइश बाद पति प|ी को साथ रखने के लिए तैयार हो गया। लेकिन बाद में फिर मारपीट कर घर से निकाल दिया। खंडवा स्थित मायके आने के बाद महिला ने यहां वन स्टाप सेंटर में भी शिकायत की। इसके बाद पति ने उसे ससुराल बुलाया। दाे महीने बाद बेटे को जबरन अपने साथ रखकर पति ने उसे फिर घर से निकाल दिया। इसके बाद महिला ने कुटुंब न्यायालय में भरण-पोषण के लिए 10 हजार रुपए दिलाने के लिए निवेदन किया। इस पर न्यायालय ने पति को हर महीने यह रकम चुकाने के आदेश दिए।

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