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अब निजी स्कूल संचालक 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे, नियम तोड़े तो खत्म हाेगी मान्यता

राज्य शासन ने दी स्वीकृति 22 फरवरी से हुआ लागू भास्कर संवाददाता | खंडवा मध्यप्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:45 AM IST
राज्य शासन ने दी स्वीकृति 22 फरवरी से हुआ लागू

भास्कर संवाददाता | खंडवा

मध्यप्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष ली जाने वाली फीस में अनियमित बढ़ोत्तरी को रोकने के लिए मध्यप्रदेश निजी विद्यालय विधेयक-2017 को राज्य शासन ने स्वीकृति दे दी है। यह विधेयक 22 फरवरी से लागू हो गया है। विधेयक के प्रमुख प्रावधान के अनुसार विद्यालय प्रबंधन पूर्ववर्ती वर्ष के लिए नियत फीस के लिए 10 प्रतिशत तक ही फीस में वृद्धि कर सकेगा।

फीस में 10 से 15 प्रतिशत वृद्धि कराने के लिए प्रस्ताव जिला समिति को भेजना होगा। यदि पिछले वर्ष के शुल्क के तुलना में फीस में वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावित की गई हो तो इसके लिये आयुक्त लोक शिक्षण की अध्यक्षता में गठित राज्य समिति इसकी मंजूरी देगी। फीस तथा अन्य विषयों के लिये गठित जिला समिति निजी विद्यालय के प्रबंधन और अध्ययनरत छात्रों के फीस संबंधी नियमों के उल्लंघन और शिकायत प्रकरणों की जांच कर सकेगी। समिति अपनी जांच में यह पाती है कि संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा निर्धारित नियम से अधिक फीस ली गई है तो समिति छात्र के पालक को फीस राशि लौटाने का आदेश दे सकेगी।

समिित के पास 2 लाख रुपए पेनाल्टी के अधिकार

2 लाख रुपये तक की पेनाल्टी लगाने का अधिकार जिला समिति को होगा। ऐसे प्रकरणों में जहां फीस वापसी के आदेश दूसरी बार जारी होंगे, वहां पेनाल्टी की राशि 4 लाख रुपये तक लगाई जा सकेगी। दो बार के बाद के प्रकरणों में समिति 6 लाख रुपये तक पेनाल्टी लगा सकेगी। इसके साथ ही निजी विद्यालय की मान्यता निलंबित और रद्द करने की अनुशंसा जिला समिति सक्षम अधिकारी को कर सकेगी।