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रोजगार योजनाओं में लोगों को ऋण देने में रुचि नहीं दिखा रहे बैंक

बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिशा-निर्देश दिए। अग्रणी बैंक अॉफ इंडिया ने भी पूरे नहीं किए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:45 AM IST

रोजगार योजनाओं में लोगों को ऋण देने में रुचि नहीं दिखा रहे बैंक
बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिशा-निर्देश दिए।

अग्रणी बैंक अॉफ इंडिया ने भी पूरे नहीं किए लक्ष्य

भास्कर संवाददाता | खंडवा

उद्योगपतियों को करोड़ों का लोन देकर डुबोने वाले बैंकों की रुचि आम आदमी को ऋण देने में नहीं हैं। वित्तीय वर्ष का केवल एक महीना बचा है। सभी बैंक सरकार द्वारा चलाई जा रहीं स्वरोजगार योजनाओं में दिए लक्ष्य से दूर हैं। जिले के अग्रणी बैंक बीओआई ने तक लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं। कलेक्टर ने सभी बैंकों को लक्ष्य पूरे करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने जिला बैंकर्स की बैठक में कहा कि 15 मार्च को फिर समीक्षा की जाएगी। तब तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लें।

बुधवार कलेक्टोरेट में हुई बैंकर्स की बैठक में शासन की स्वरोजगार योजनाओं में विभागों व बैंकों द्वारा अब तक की गई कामों की समीक्षा की गई। इसमें यह बात सामने आई कि किसी भी बैंक ने अब तक दिए लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं जबकि इनके पास विभागों द्वारा ऋण प्रकरण स्वीकृत करके भेज दिए हैं। बैंकों में लंबित हैं।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर अभिषेक सिंह ने उपस्थित सभी बैंकर्स को शासन की स्वरोजगार योजनाओं में दिए लक्ष्यों को 15 तक पूरा करने को कहा। इसके बाद फिर से बैठक होगी इसमें सभी बैंक लक्ष्य हासिल करके रिपोर्ट दें। जिला स्तरीय बैंकर्स की बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. वरदमूर्ति मिश्र, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि प्रभाकर झा , नाबार्ड के सहायक महा प्रबंधक मनोज पाटिल, एलडीएम बीके सिन्हा सहित सभी बैंकों के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक : बैंकों को 15 दिन का समय, कलेक्टर ने लक्ष्य का 100% पूरा करने को कहा

प्रमुख योजनावार अब तक दिया गया ऋण

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 28 प्रकरण 17.60 करोड़

अन्त्यावसायी निगम 3 प्रकरण 43.34 लाख

आदिवासी वित्त विकास निगम 1 प्रकरण 10 लाख

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 680 प्रकरण 33.64 करोड़

अन्त्यावसायी निगम 90 प्रकरण 90.90 लाख

पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 28 प्रकरण 1.40 करोड़

शहरी विकास अभिकरण 131 प्रकरण 1.54 करोड़

आदिवासी वित्त विकास निगम 70 प्रकरण 3.70 करोड़

माटी कला बोर्ड 7 प्रकरण 14.50 लाख

कुटीर व ग्राम उद्योग 37 प्रकरण 1.16 करोड़

ग्रामीण आजीविका मिशन 142 प्रकरण 2.02 करोड़

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड 3 प्रकरण 13 लाख

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम 30 प्रकरण 2.96 करोड़

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड एक प्रकरण 8.75 लाख

मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना 17 प्रकरण 6.30 लाख

दूध उत्पादन दाे गुना करने का लक्ष्य

कलेक्टर ने बैंकर्स से कहा कि जिले में दूध उत्पादन दो गुना करने का लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने के लिए डेयरी के लिए आने वाले ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत करें। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक जितेंद्र कुल्हारे ने बताया कि अब तक करीब 150 प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं। बचे समय में और भी प्रकरण स्वीकृत होने की उम्मीद है। डेयरियां शुरू हाेने के बाद निश्चित ही जिले में दूध उत्पादन बढ़ेगा।

87% बैंक खाते आधार नंबर से जुड़े

बार-बार प्रयास करने के बावजूद अब तक लोगों ने अपने बैंक अकाउंट आधार नंबर से नहीं जुड़वाए हैं। लीड बैंक प्रबंधक बीके सिन्हा ने बैठक में बताया लगभग 87 प्रतिशत बैंक खाते ही अब तक आधार नंबर से लिंक हो चुके है। कलेक्टर सिंह ने 31 मार्च तक सभी बैंक खातों को आधार नंबर से जोड़ने के निर्देश दिए।

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Web Title: रोजगार योजनाओं में लोगों को ऋण देने में रुचि नहीं दिखा रहे बैंक
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