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सिंधी समाज की परंपरा : स्नेह की मिठाई है घीहर, कराची हलवा से तैयार होता है मीठा समोसा

News - खंडवा | अविभाजित भारत के सिंध प्रांत की मिठाइयों की खुशबू आज भी सिंधी समाज में स्नेह का प्रतीक बनी है। होली पर सिंधी...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:50 AM IST
सिंधी समाज की परंपरा : स्नेह की मिठाई है घीहर, कराची हलवा से तैयार होता है मीठा समोसा
खंडवा | अविभाजित भारत के सिंध प्रांत की मिठाइयों की खुशबू आज भी सिंधी समाज में स्नेह का प्रतीक बनी है। होली पर सिंधी परिवारों में घीहर और मीठा समोसा समाज एवं रिश्तेदारों में बांटा जाता है। सिंधी कॉलोनी में होली के पर्व से 12 दिन पहले ही घीहर एवं मीठा समोसा बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। यह सिलसिला होली के 10 दिन बाद तक चलता है। सिंधी कॉलेानी निवासी मिठाई विक्रेता मूलचंद दुल्हानी ने बताया घीहर और मीठा समोसा का होली पर विशेष महत्व होता है। यह सिंधी समाज की प्रमुख मिठाई है। स्वतंत्र भारत में यह मिठाई सिंधी परिवारों के साथ आई। खंडवा में पिछले 62 सालों से घीहर एवं मीठा समोसा होली पर्व पर सिंधी समाज के हर घर में मिलता है।

घीहर आठ दिन तक नहीं होता खराब

घीहर (मैदा का घोल बनाकर डालडा में जलेबी की तरह बनाया जाता है, फिर चाशनी में डाला जाता है) व मीठा समोसा (समोसे के भीतर घी, शकर और कार्न फ्लावर से बने कराची हलवे को भरा जाता है) की फिलहाल खूब मांग है। सिंधी कॉलोनी में 6 दुकानें घीहर और मीठा समोसा की लगी हैं। पर्व के दिन में 10 क्विंटल घीहर और मीठा समोसा की खपत होती है। घीहर आठ दिन तक खराब नहीं होता है।

सूतक से छुटकारा

मूलचंद दुल्हानी ने बताया सिंधी समाज का होली के दिन सामूहिक होली मिलन कार्यक्रम होता है। घीहर खिलाकर गुलाल का टीका सूतक वाले परिवार के लोगों को लगाया जाता है। इससे मृतक के परिवार का सूतक समाप्त हो जाता है। परिवार के लोग इस दिन के बाद से शुभ कार्य करते हैं।

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