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निगम अध्यक्ष के नाम से चल रहे अहाता को बंद कराने गए निगमकर्मी, पतरे तोड़कर वापस लौटे

देशी शराब दुकान को हटाने का आदेश लेकर संजय नगर मेन रोड पर अंग्रेजी शराब दुकान और अहाता बंद कराने रविवार को निगम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 05:30 AM IST

निगम अध्यक्ष के नाम से चल रहे अहाता को बंद कराने गए निगमकर्मी, पतरे तोड़कर वापस लौटे
देशी शराब दुकान को हटाने का आदेश लेकर संजय नगर मेन रोड पर अंग्रेजी शराब दुकान और अहाता बंद कराने रविवार को निगम कर्मचारी गए। केवल पतरे हटाकर लौट गए। यह अहाता निगम अध्यक्ष गोपी शर्मा द्वारा चलाया जा रहा था।

निगमायुक्त के आदेश को भी कर्मचारियों ने नहीं माना। दुकान सील करने की बजाय निगमकर्मी शराब ठेकेदार के कर्मचारी को समझाइश देकर पतरे तोड़कर साथ ले गए। जिस देशी शराब दुकान को बंद कराने का आदेश लेकर निगमकर्मी कार्रवाई कर रहे थे वह 25 कदम की दूरी पर चलती रही। करीब 3 घंटे चली इस नाटकीय कार्रवाई में निगमकर्मी शराब ठेकेदार के पक्ष में काम करते नजर आए। मोहर्रिर मनोज मिश्रा ने दुकान सील करने के लिए कर्मचारी नहीं होने की बात कही। उपयंत्री राधेश्याम उपाध्याय बोले कि छत गिरा देंगे तो शराब की बोतलें टूट जाएंगी। कर्मचारियों के आने पर कल कार्रवाई करेंगे।

देशी शराब दुकान को हटाने का आदेश लेकर अंग्रेजी दुकान का आहता तोड़ने गए

महापौर और आयुक्त को शराब ठेकेदार के कर्मचारी ने लगाया फोन

कार्रवाई को रोकने के लिए शराब ठेकेदार के कर्मचारी महापौर व निगमायुक्त को फोन लगाते रहे। एक कर्मचारी ने महापौर से बात होने की जानकारी बाजार मोहर्रिर मिश्रा को दी। इसके बाद कार्रवाई का स्वरूप बदल गया। निगमकर्मी जेसीबी पर खड़े होकर आराम से पंखे और बल्ब निकालकर शराब ठेकेदार के कर्मचारियों को देने लगे।

शराब ठेकेदार ने कहा निगमाध्यक्ष गोपी शर्मा फ्री में मांग रहे थे अहाता, नहीं दी तो कराई कार्रवाई

शराब ठेकेदार प्रमोद पुरी ने नगर निगम अध्यक्ष गोपी शर्मा पर फ्री में अहाता चलाने की मांग करने व नहीं देने पर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। प्रमोद पुरी ने कहा निगमाध्यक्ष अपने लोगों के सहारे पिछले 8 महीने से अहाता चला रहे थे। 1250 रुपए किराया देते थे। अब फ्री में अहाता चलाने के साथ किराया भी वापस मांग रहे थे। मना किया तो कार्रवाई करा दी। दुकान और अहाता के लिए निगम से कोई अनुबंध नहीं था। एक पत्र दिया था। निगम ने 3 लाख 60 हजार रुपए किराया लिया। दुकान और अहाता हटाने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया।

आहते को तोड़ते हुए निगम के कर्मचारी। बाद में बंद कर दी कार्रवाई।

शराब ठेकेदार लेता था निगमाध्यक्ष से 37500 रुपए, निगम को देता था 40 हजार

जानकारी के मुताबिक अतिक्रमण की जमीन पर बने शराब दुकान और अहाते का किराया निगम हर महीने 40 हजार रुपए लेती थी। कथित तौर पर निगमाध्यक्ष गोपी शर्मा से शराब ठेकेदार हर दिन अहाता चलाने के 1250 रुपए लेता था, इस लिहाज से हर महीने निगमाध्यक्ष शराब ठेकेदार को 37500 रुपए देते थे। पिछले दस महीने से एक मुश्त 37500 हजार रुपए देना निगमाध्यक्ष और उनके पार्टनर को खल रही थी। 2018-2019 के ठेके के रिन्यूवल के साथ निगमाध्यक्ष ने फ्री में अहाता चलाने की मांग शराब ठेकेदार से की। ऐसा नहीं करने पर निगमाध्यक्ष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्रवाई करा दी।

मेरी शिकायत पर हुई कार्रवाई, इसलिए लगा रहा आरोप

मेरी शिकायत पर शराब दुकान और अहाता पर कार्रवाई हुई। इसलिए शराब ठेकेदार आरोप लगा रहा है। मैं अहाता नहीं चलाता हूं। यदि चला रहा होता तो अहाते में दिखाई देता। कार्रवाई रोकने के लिए रविवार को निगम के सामने हुकुमचंद वर्मा और प्रमोद पुरी का बेटा मिलने आया था। मैने सहयोग करने से इनकार कर दिया। -रामगोपाल (गोपी ) शर्मा, निगमाध्यक्ष



अंग्रेजी की जगह गलती से लिखा देशी दुकान का नाम

शराब दुकान पर क्यों हुई कार्रवाई ?

दुकान और अहाता की जमीन की लीज 31 मार्च को खत्म हो गई थी। इसलिए कार्रवाई की।

आदेश तो देशी शराब दुकान का था, अंग्रेजी पर क्यों हुई कार्रवाई ?

ऐसा नहीं है। आदेश में गलती से देशी शराब का उल्लेख हो गया था। सुधार करा लेंगे।

दुकान नहीं सील की, अफसरों को पैसा मिलता है?

दुकान सील करने का आदेश दिया था। यदि नहीं किया है तो दोबारा सील कराएंगे।

जेजे जोशी, निगमायुक्त

इधर, शराब दुकान खुलते ही नारेबाजी की ठेकेदार ने बंद कराई

शराब दुकान के विरोध में नारेबाजी करते लोग।

खंडवा | एक रहवासी क्षेत्र से बंद होकर दूसरे क्षेत्र में आई देसी शराब दुकान के खुलते ही महिलाएं विरोध करने पहुंच गई। महिलाओं को देखकर शराब पी रहे लोग शराब छोड़कर भाग निकले। महिलाओं ने दुकान के बाहर लगा बोर्ड हटाकर नारेबाजी की और दुकान बंद कराई।

1 अप्रैल से शराब दुकानें वापस पुराने स्थानों पर आ गईं। रवींद्र नगर स्थित देसी शराब दुकान तीन पुलिया के पास खुलते ही जवाहरगंज की महिलाएं व युवक विरोध करने आए। भीड़ एकत्रित होते देख ठेकेदार के कर्मचारी दुकान बंद कर भाग निकले। वहां शराब पी रहे कुछ लोग भी आधी शराब छोड़कर भागे। मौजूद महिलाओं व युवकों ने ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिकायत लेकर कलेक्टोरेट गए। महिलाओं ने कहा कुछ भी हो जाए शराब दुकान यहां नहीं खुलने देंगे।

यहां शिफ्ट हुई दुकानें

शहर में रवींद्रनगर स्थित देसी शराब दुकान तीन पुलिया, इंदौर रोड गड्ढापुरी स्थित दुकान पड़ावा माता मंदिर के पास शिफ्ट की गई है।

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