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शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए तो जब्त होगा वाहन, कोर्ट में जाएगा केस

अब तक सड़कों पर मनमानी चल गई। अब यातायात का कोई भी नियम तोड़ा तो सख्त कार्रवाई होगी। शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ाए तो...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 05:30 AM IST
अब तक सड़कों पर मनमानी चल गई। अब यातायात का कोई भी नियम तोड़ा तो सख्त कार्रवाई होगी। शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ाए तो वाहन जब्त कर प्रकरण सीधे कोर्ट भेजा जाएगा। वहीं बिना हेलमेट, बिना नंबर और बिना दस्तावेजों के वाहन चलाते पाए गए तो मौके पर ही चालान बनाकर जुर्माना वसूला जाएगा। सिग्नल तोड़ने और तेज गति से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात सहित जिले भर के थानों की पुलिस ने रविवार से विशेष अभियान शुरू किया है। नियम तोड़ने वाला कोई भी हो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्रदेश भर के पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इस सख्त कार्रवाई का निर्णय और निर्देश मप्र राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की 24 जनवरी को हुई बैठक के एजेंडे के आधार पर लिया गया है। इसमें प्रदेश के हर जिले में नियम तोड़ने वाले सभी प्रकार के वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा गया है।

हादसे, इनमें होने वाली मौतें और घायलों की संख्या में कमी लाना है उद्देश्य

अभियान के तहत ऐसे वाहन चालकों पर होगी कार्रवाई






रविवार शाम नियम तोड़ने पर चालान बनाती हुए पुलिस कर्मी

हर हफ्ते कार्रवाई की जानकारी भेजना होगी पुलिस मुख्यालय

अभियान के तहत हर हफ्ते की गई कार्रवाई की जानकारी फैक्स या ई-मेल के जरिए पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगी। यही नहीं अभियान समाप्त होने के बाद 1 से 30 अप्रैल तक महीने भर की गई कार्रवाई की जानकारी भी 1 मई को पुलिस मुख्यालय भेजना होगी।

साल भर में 166 की मौत

देश में हादसों में मरने वालों के आंकड़े भयावह हैं। रिपोर्टों के अनुसार अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक हैं। पिछले साल देश में हादसों में 1.40 लाख लोगों की मौत हुई। मप्र में 40 हजार लोग मरे। खंडवा जिले में 684 हादसे हुए। इनमें 166 की मौत हुई, वहीं 867 लोग घायल हुए।

यूएनए में उठा था हादसों का मामला सरकार ने कहा- कमी लाएंगे

देश में बढ़ते सड़क हादसे, इनमें होने वाली मौतों और घायलों की संख्या का मामला यूएनए में भी उठ चुका है। यहां भारत सरकार ने हादसे, इनमें होने वाली मौतों और घायलों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी लाने की बात कही है। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट की रोड ऑन सेफ्टी कमेटी ने भी इनकी रोकथाम के आदेश दिए हैं। एक न्यायाधीश अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सख्ती से करेंगे कार्रवाई