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बच्चे बाइक-स्कूटी से स्कूल आए, पुलिस ने जब्त की, जवानों ने ऑटो से भेजा घर

यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस गुरुवार को भी सड़कों पर उतरी। हरसूद नाके पर यातायात पुलिस ने सेंट्रल...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:00 AM IST
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस गुरुवार को भी सड़कों पर उतरी। हरसूद नाके पर यातायात पुलिस ने सेंट्रल स्कूल की नाबालिग छात्राओं से तीन स्कूटी और दो छात्रों से बिना नंबर की फैशनेबल बाइक जब्त की। स्कूटी लोडिंग ऑटो से यातायात थाने पहुंचाई। वहीं छात्राआें को यातायात जवान के साथ सवारी ऑटो से घर भेजा। दोनों छात्रों को जवान बाइक से घर छोड़कर आया।

नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई और उन्हें वाहन नहीं चलाने की समझाइश देने के लिए ट्रैफिक सूबेदार नितिन निगवाल, सूबेदार ज्योति सूर्यवंशी, एएसआई भीमराव अटकड़े, आरक्षक विनय राजपूत, आरक्षक समरपाल चौहान के साथ गुरुवार दोपहर 1 बजे हरसूद नाका पहुंचे। यहां उन्हें स्कूली बच्चे स्कूटी और बाइक पर मिले। अफसर-जवानों ने बच्चों से उनकी उम्र और लाइसेंस के बारे में पूछा। सभी की उम्र 18 वर्ष से कम थी। किसी के पास लाइसेंस भी नहीं था। इस पर आरक्षक विनय राजपूत ने बच्चों को अपना मोबाइल देकर पिता से बात कराई। उन्हें बताया कि आपके वाहन जब्त कर लिए गए हैं। थाने आकर जुर्माना चुकाएं और वाहन ले जाएं। छात्राओं को आरक्षक समरपाल चौहान ऑटो से और दोनों छात्रों को आरक्षक विनय राजपूत बाइक से घर छोड़कर आए।

यातायात पुलिस की कार्रवाई के बाद पुलिस जवानों ने ऑटो से घर पहुंचाया।

माता-पिता से कहा आपने वाहन दिलाया, यह गलती, जुर्माना वसूला

तीनों स्कूटी और बाइक यातायात थाने ले जाने के बाद बच्चों के पालकों को भी बुलवाया गया। इनमें से एक छात्रा के माता-पिता से 2200 रुपए जुर्माना वसूला गया। उन्हें चेताया गया कि आइंदा नाबालिग बेटी को वाहन नहीं चलाने दें। अन्य बच्चों के पालकों को भी बुलाकर हिदायत दी गई।

कार्रवाई मंे पुिलस ने बाइक जब्त की।

पुलिस के पास क्रेन नहीं, लोगों की मदद से अफसर-जवान ही उठा रहे वाहन

लंबे समय से मांग करने के बाद भी यातायात पुलिस को क्रेन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। ऐसे में जब्ती के बाद अफसर-जवानों को ही लोगों की मदद से जब्त की गई बाइक, स्कूटी और स्कूटर वाहन में चढ़ाने पड़ रहे हैं। गुरुवार को भी राहगीरों की मदद से स्कूटी औ बाइक लोडिंग ऑटो में चढ़ानी पड़ी। जानकारी अनुसार क्रेन के लिए पुलिस विभाग सहित नगर निगम से भी मांग की गई है, लेकिन आज तक यह उपलब्ध नहीं कराई गई। जबकि यातायात पुलिस सालाना करीब 40 लाख रुपए का राजस्व वसूल रही है। वहीं क्रेन सिर्फ 6 से 8 लाख रुपए में खरीदी जा सकती है।

सख्ती से कराएंगे नियमों का पालन, जारी रहेगी कार्रवाई


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