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50 प्रतिशत शिक्षकों ने ही डाउन लोड किया एप, नहीं करने वालों की कटेगी सैलरी

एम-शिक्षा मित्र एप को लेकर जिले के शिक्षक संगठन और शिक्षा विभाग आमने-सामने हो गए हैं। 2 अप्रैल से शिक्षा विभाग ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:50 AM IST

एम-शिक्षा मित्र एप को लेकर जिले के शिक्षक संगठन और शिक्षा विभाग आमने-सामने हो गए हैं। 2 अप्रैल से शिक्षा विभाग ने एम-शिक्षा मित्र एप के माध्यम से ही शिक्षकों की अटेंडेंस लगाने के आदेश दिए हैं। 50 प्रतिशत शिक्षकों ने ही एप डाउन लोड किया है।

राज्य अध्यापक संघ व शिक्षक संघ ने कहा कि जिन शिक्षकों ने एप डाउन लोड किए हैं, वे भी इससे अटेंडेंस नहीं भरेंगे। वे मेनुअल रजिस्टर में ही उपस्थिति दर्ज करंेगे। पदाधिकारियों का कहना है कि केवल शिक्षकों के लिए ही सरकार ने ई-अटेंडेंस आवश्यक किया है, अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए क्यों नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी ने साफ कहा कि 2 अप्रैल से जो लोग एम-शिक्षा मित्र के माध्यम से अटेंडेंस नहीं लगाते हैं तो उनकी सैलरी काटी जाएगी। उन पर कार्रवाई भी होगी।

अब तक हुआ यह

ये फीचर है एम-शिक्षा मित्र में

एप में कवरेज की प्राब्लमस नहीं होगी, स्कूल परिसर में पहुंचकर एप में अटेंडेंस शिक्षक को भरना होगा।

स्कूल में यदि नेटवर्क नहीं है तो शिक्षक जब भी नेटवर्क एरिया में आएंगे उपस्थिति दर्ज हो जाएगी।

एम शिक्षा मित्र से सर्विस बुक, शासन के आदेश संबंधी पत्र, अवकाश आवेदन, जीपीएफ होगा।

स्कूल के विद्यार्थियों की प्रतिदिन की उपस्थिति भी एप से भेजना होगा।

9700शिक्षक है जिले में

सहायक शिक्षक संघ : वाट्स एप से बहिष्कार का संदेश

संघ के जिला संयोजक अनिल कुलकर्णी ने कहा एप का विरोध पूरे एमपी से चल रहा है। शासन स्तर पर पदाधिकारियों की चर्चाएं चल रही है। एक दो दिन में सु:खद परिणाम सामने आ रहे हैं। हम साथी शिक्षकों को एम-शिक्षा मित्र एप का बहिष्कार करने के लिए वाट्सएप पर संदेश भेज रहे हैं।

राज्य अध्यापक संघ : प्रदेशभर में विरोध करेंगे

जिलाध्यक्ष प्रभुराम मालवीय का कहना है हरकाम में शिक्षकों को ही टारगेट बनाया जा रहा है। हमारे काम पर शक हो रहा है। यह गरिमा के लिए ठीक नहीं। जिला मुख्यालयों पर कड़ा विरोध होगा।

4850ने एप डाउन लोड किया

84प्रतिशत ने मोबाइल अपडेट किए

मप्र शिक्षक संघ : अव्यवहारिक है यह, नहीं करेंगे लागू

संघ के जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पाटीदार ने कहा हाजरी तब तक नहीं लगाए लगाई जाएगी, जब तक की ई-सर्विस बुक को अपडेट नहीं किया जाता और मोबाइल का खर्च नहीं दिया जाता। यह अव्यवहारिक और अपमान जनक है। हमें स्कूल में पढ़ाने का समय नहीं, दिया जा रहा है शिक्षक को बीएलओ बना दिया है। हम इसको हमारी शर्तों के आधार पर ही समर्थन करेंगे।

आदेश का पालन करेंगे

सरकार के आदेश का पालन कराएंगे। 50 प्रतिशत शिक्षकों ने एप डाउन लोड किया है। 2 अप्रैल से इसी के माध्यम से उपस्थिति दर्ज होगी। एप डाउन लोड नहीं करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करेंगे। - केके डोंगरे, जिला शिक्षा अधिकारी खरगोन

02वर्ष पूर्व भी ई -अटेंडेंस लागू की थी सरकार

शिक्षक संघांे का तर्क

कई गांवों में नेटवर्क मिलता नहीं है। शिक्षकों को हर शाम किसी नेटवर्क वाले स्थानों पर जाना पड़ेगा।

मध्यप्रदेश शासन के 56 विभागों में एेसे अटेंडेंस नहीं होती, शिक्षक ही क्यों अपनाए।

कोई कर्मचारी की बैटरी डाउन होने, मोबाइल गुम होने के कारण वह उपस्थिति नहीं लगा पाएगा।

इधर...जॉयफुल लर्निंग के लिए रेडियो पर प्रसारण कल

खरगोन | बच्चों को खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने के लिए राज शिक्षा केंद्र नए शिक्षा सत्र से जाॅयफुल लर्निंग शुरू कर रहा है। 2 अप्रैल को जॉयफुल लर्निंग के संबंध में आकाशवाणी से प्रसारण होगा। बालसभा भी होगी।



सालभर में 13173, अकेले मार्च में हुई 3450 रजिस्ट्रियां

खरगोन | रेरा में पंजीयन के बाद रियल स्टेट के कामकाज में तेजी आई। सरकारी योजनाओं में पीएम आवास व लोन लेकर मकान बनाने से कारोबार ने ऐसा जोर पकड़ा कि अकेले मार्च के आखिरी महीने में ही 3450 रजिस्ट्री हो गई। लक्ष्य को पूरा करने के लिए छुटि्टयों के दिनों में भी ऑफिसों में पंजीयन किया गया। जिलेभर में सालभर का आंकड़ा 13173 का यह 26 फीसदी के आसपास है। जमीन के कारोबार में लेनदेन की गति को देखते हुए जिला मूल्यांकन समिति ने 20 फीसदी तक प्रापर्टी के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है।

रजिस्ट्री

12700

20% बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम

शुल्क

11143

10070

12600

2013-14

2014-15

2015-16

13173

2016-17

2017-18

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