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गुप्ता मप्र लेखक संघ अध्यक्ष और जोशी सचिव बनाए

मप्र लेखक संघ की काव्यगोष्ठी में खरगोन इकाई गठित की गई। अध्यक्ष निरंजनस्वरूप गुप्ता निर्विरोध चुने गए।...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:55 AM IST
मप्र लेखक संघ की काव्यगोष्ठी में खरगोन इकाई गठित की गई। अध्यक्ष निरंजनस्वरूप गुप्ता निर्विरोध चुने गए। उपाध्यक्ष डॉ पार्वती व्यास, सचिव महेश जोशी, सहसचिव जगदीश जोशी, कोषाध्यक्ष राज सागरी का मनोनयन किया। कार्यकारिणी में राकेश गीते, मासूम अंसारी, जगदीश पंडया, गोपीकिशन शर्मा व राजनाथ सोहनी लिए गए।

संयोजक डॉ. मधुसूदन व्यास ने सभी सदस्यों को इकाई की मजबूती का संकल्प दिलाया। काव्यगोष्ठी में सूत्रधार ब्रजेश बड़ोले ने जबसे जंगलों में बस्तियां बसाने लगे, जंगल के जानवर घबराने लगे। राकेश गीते ने होली पर मोहन परमार ने गणगौर के आगमन पर रचनाएं पढ़ी। अशोक गर्ग असर की गजल, जगदीश जोशी ने गीत याद आती रही, दिल जलाती रही तथा गोपीकिशन शर्मा की कविता पथिक अंजान हूं को सराहा गया। रिटायर्ड प्राध्यापक पीसी दुबे ने मैं पशु हूं मुझे चारा चरने दो, पुष्पा पटेल ने होली आई रे तथा डॉ पार्वती व्यास व अध्यक्ष निरंजनस्वरूप गुप्ता ने बेरोजगारों की व्यथा पढ़ी। मधुसुदन व्यास ने पड़ोसी के छदम आतंकवाद, डॉ अखिलेश बार्चे ने आधुनिक यक्ष व युधिष्ठिर के संवादों से हास्य पैदा किया। इस दौरान गिरीश उपाध्याय, राजनाथ सोहनी, विनोद डोंगरे, सुभाष तारे, विनोदकुमार बिल्लौरे आदि थे। आभार महेश सोनी ने माना।

नई कार्यकारिणी का स्वागत करते निवृत्तमान अध्यक्ष।