--Advertisement--

रसोई हमारे संस्कारों को रखती है जीवित - साध्वी ऋतंभरा

News - भागवत कथा में रविवार को साध्वी ऋतंभरा ने संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कितने ही अमीर हो जाना, लेकिन भोजन...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:55 AM IST
रसोई हमारे संस्कारों को रखती है जीवित - साध्वी ऋतंभरा
भागवत कथा में रविवार को साध्वी ऋतंभरा ने संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कितने ही अमीर हो जाना, लेकिन भोजन नौकरों की बजाय खुद बनाना। तुम्हारी रसोई तुम्हारे संस्कारों को जीवित रखती है। अगर तुम्हें दिल की अमीरी चाहिए तो गोमाता की शरण लो। गोमाता ही हमारा धन है। यही भारत की पहचान है।

कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के वर्णन के अलावा गोवर्धन पर्वत की झांकी सजाई। इसमें नगर सहित वृंदावन से आए बाल व युवा कलाकारों को तैयार किया गया था। कथा के बीच “मैं तो गोवर्धन को जाऊं मैया नहीं माने मेरा मनवा पर’ भजन पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा समापन पर आरती कर 56 भाेग की प्रसादी बांटी। मंडलेश्वर माधव सेवा गोशाला संचालक अरविंद जोशी, सांसद सुभाष पटेल, विधायक राजकुमार मेव, पूर्व विधायक आत्माराम पटेल, भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र यादव, इंदौर के कवि श्यामसुंदर पलोड, मुख्य यजमान जमनादास सराफ, नवनीतदास सराफ, महेश पाटीदार, मंशाराम केवट, विक्रम केवट, दामोदर महाजन, पार्षद विक्रम पटेल, पार्षद जितेंद्र केवट, राजेंद्र सर्राफ, मनोज पाटीदार, सिंधु जोशी, विनीता चौरे, श्वेता शर्मा आदि मौजूद थे।

गोवर्धन पर्वत व बाल लीलाओं की झांकी सजाई।

इधर, बेचारापन नहीं स्वस्थ मानसिकता से बच्चों को करें बड़ा

महेश्वर | साध्वी ऋतंभरा ने शनिवार शाम यहां पत्रकारों से चर्चा कर वृंदावन में तैयार हो रहे वात्सल्य धाम के बारे में बताया। उन्होंने कहा अनाथ बालक- बालिकाओं को एक छत के नीचे रखने की सरकार कल्पना भी नहीं कर सकती। लेकिन वात्सल्य धाम में यह हुआ है।

वातसल्य जमीनों व इमारतों से नहीं होता है। जब एक स्त्री अपने को समर्पित करती है तो उसका हृदय वातसल्य की गंगा का गोमुख बनता है। फिर वातसल्य की सृष्टि खड़ी होती है। मैंने अतीत के भारत से वर्तमान की डोरी बांधी है। बेचारापन बिना पैदा किए स्वस्थ मानसिकता के बच्चों को बड़ा करना जरूरी है। वात्सल्य धाम प्रोजेक्ट बहुत संवेदनशील है। इसमें मेरे जीवन के 25 साल लग गए हैं। धर्म व संस्कृति का वातावरण अपने घर व विद्यालय से ही बच्चों में डालना चाहिए। हिंदू धर्म सिर्फ मूल्य देने का है। पूजा पद्धति हिंदू धर्म नहीं है। राम मंदिर निर्माण को लेकर साध्वी ने कहा सारी परिस्थितियां अनुकूल है, लेकिन विषय न्यायालय में है।

X
रसोई हमारे संस्कारों को रखती है जीवित - साध्वी ऋतंभरा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..