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भोंगर्या हाट में निकाली गेर, ढोल-मांदल की थाप पर कुर्राट भर थिरके समाजजन

भोंगर्या हाट में हजारों लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तीर-कमान लिए नृत्य करती युवती।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:15 AM IST
भोंगर्या हाट में हजारों लोग शामिल हुए।

पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तीर-कमान लिए नृत्य करती युवती।

बालसमुद हाट में आए 12 ढोल व मांदल

भास्कर संवाददाता | ओझर

बालसमुद में भी बुधवार को भोंगर्या हाट लगा। ढोल-मांदल की थाप पर लोग झूमे। इनकी धून पर कुर्राट भरकर आदिवासी समाजजन जमकर झूमे।

हाट में आसपास के समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। झूलों का आनंद लिया। हार कंगन, खजूर, संतरे आदि की खरीदी की। दोपहर 2 बजे बाद समाजजन 6 ढोल व 6 मांदल लेकर आए। ढोल-मांदल की थाप पर भोपाल में पदस्थ एसपी पन्नालाल सस्तिया व उनकी प|ी तथा सेना के जवान मेहताब डावर व उनकी प|ी लक्ष्मी भी खूब झूमे। ग्रामीणों ने बताया पहले हाट में मांदल और ढोल नहीं आए थे।

मांदल की थाप पर नृत्य करती एसपी सस्तिया की प|ी (लाल साड़ी में) और जवान डावर की प|ी। दोनों महिलाओं का मायका बालसमुद होने से यहां पहुंची थी।

75 किलो की मांदल, रखते हैं खटिया पर

भोंगर्या में आए टेमला के रमेश चौहान ने बताया वे पिता के हाथ से बनी 70 साल पुरानी मांदल लेकर आते हैं। 75 किलो वजनी मांदल को सागौन की लकड़ी से बनाया है। इसकी खास देखभाल करते हैं। सीलन ना लगे इसके लिए खाटिया पर रखते हैं। इसे भोंगर्या व दिवाली पर बजाते हैं। बजाने से पहले इसमें तान देते हैं।