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वनरक्षक का कारनामा / फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर 24 साल नौकरी की, केस दर्ज



Based on the fake caste certificate he has worked for 24 years
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Based on the fake caste certificate he has worked for 24 years
  • अप्रैल 17 में दोषी पाने के बाद विभाग ने बर्खास्त किया था, इसी आधार पर हुई कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 10:16 AM IST

खंडवा. जाति प्रमाण पत्र के आधार पर वन विभाग में 24 साल नौकरी करने वाले वनरक्षक के खिलाफ विभाग ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान कोतवाली पुलिस ने आरोपी वन रक्षक के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

 

  • उप वन मंडल अधिकारी (उत्पादन) तरुणा वर्मा के अनुसार वन विभाग नर्मदानगर में विजयकुमार पिता प्यारेलाल वर्मा की नियुक्ति वन मंडल भू-संरक्षण वन मंडल जसपुर (छत्तीसगढ़) में 17 फरवरी 1993 से सामान्य श्रेणी के रूप में वन रक्षक के पद पर हुई थी। एक साल बाद आरक्षित श्रेणी (अनुसूचित जाति) में नियुक्त किया गया। दो माह बाद यह आदेश निरस्त किया गया।
  • उक्त भर्ती निरस्त होने के बाद वन रक्षक विजय ने जसपुर वन मंडल द्वारा पूर्व में की गई भर्ती 17 फरवरी 93 में पूर्व में की गई भर्ती अनुसार दोबारा पदस्थ हुआ। विजय की सेवा अभिलेख में उसे अनुसूचित जनजाति श्रेणी का दर्शाया गया। जबकि वह सामान्य जाति का था। शिकायत के दौरान विजय की जाति के प्रमाण की जांच राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति द्वारा की गई।
  • समिति ने विजय का जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार धोबी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र अवैध मान्य किया गया। जांच के दौरान यह साबित हो गया कि वन रक्षक विजय वर्मा धोखाधड़ी कर वन विभाग में भर्ती हुआ है। विभागीय जांच के दौरान विजय को वन विभाग से 21 अप्रैल 17 बर्खास्त किया गया। सीसीएफ मनोज अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस को मामले की लिखित शिकायत की गई। जिस पर आरोपी के खिलाफ 12 अक्टूबर को प्रकरण दर्ज किया।
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