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भाकिसं ने कहा- ऑपरेटरों की गलती से किसानों का नहीं हुआ पंजीयन, आगे बढ़ाएं तारीख

3 वर्ष पहले
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समर्थन मूल्य पर ज्वार की खरीदी का अंतिम दिन आज है। इसके एक दिन पहले भारतीय किसान संघ ने एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन भेजा है। इसमें ऑपरेटरों की गलती से कई किसानों के पंजीयन नहीं होने की शिकायत कर सुधार करवाने और पंजीयन की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है।

भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष निलेश शर्मा, उपेंद्र सोनी, मजिद खान और फिरोज ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया। इसके बाद कलेक्टर को ई-मेल से आवेदन भेजा। इसमें उन्होंने बताया कि चाटली, जोगवाड़ा, गवाड़ी आदि गांव के कई किसानों ने केंद्र पर ज्वार का पंजीयन कराया है। ऑपरेटर के गलत पंजीयन करने से किसानों के नाम नहीं आ पाए। इससे उनकी उपज नहीं खरीदी जा रही है।

बोरली के किसान सादिक खान ने बताया कि उन्होंने पंजीयन कराया था लेकिन नाम नहीं आया। भारतीय किसान संघ के अनुसार 50 गांव के करीब 200 किसान हैं, जिनके साथ ये समस्या हुई है। आवेदन में बताया कि विधानसभा चुनाव होने के कारण अफसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसानों को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। जो किसान सैकड़ों की संख्या में हैं। सोसायटी प्रबंधक द्वारा अभद्रता की जाती है। पूर्व में इन्होंने किसानों से हम्माली ली थी। जो कि शासन की योजना में नहीं है। किसान ज्वार नहीं बिकने के कारण आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं।

ज्वार का आज, मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी की अंतिम तारीख 19 जनवरी
सेंधवा मार्केटिंग सोसायटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर ज्वार की खरीदी की अंतिम तारीख 30 नवंबर है। गुरुवार तक 11 किसानों से 132 क्विंटल ज्वार खरीदी जा चुकी है। वहीं मूंग और उड़द की खरीदी 19 जनवरी तक जारी रहेगी। अभी तक तीन किसानों से 35 क्विंटल उड़द और तीन किसानों से 37 क्विंटल मूंग की खरीदी की जा चुकी है। इसके अलावा बलवाड़ी में भी ज्वार की खरीदी की जा रही है।

मार्केटिंग सोसायटी से नहीं देते जानकारी- किसान

खरीदी केंद्र सेंधवा मार्केटिंग सोसायटी में पूछने पर सही जवाब नहीं दिया जा रहा है। यहां से कहा जाता है कि जहां से पंजीयन कराया है वहां ठीक कराओ या बड़वानी जाने की बात कही जाती है। सभी किसान बड़वानी आने-जाने में सक्षम नहीं है। संबंधित अफसरों से सुधार करवाकर खरीदी की तारीख बढ़ाई जाए।

किसान आए थे, बड़वानी जाने का कहा था- सैफ

सेंधवा मार्केटिंग सोसायटी के सुपरवाइजर सैफुद्दीन सैफ ने बताया कि कुछ किसानों ने पंजीयन किए जाने के बाद नाम नहीं आने की समस्या बताई थी। संभवत: जिस समिति में पंजीयन कराया था वहां सिंचित की जगह असिंचित जमीन दिखाने से पंजीयन नहीं दिखा रहा। किसानों को बड़वानी जाने का कहा है वहां से ही समाधान होगा।

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