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​12 फीट ऊंचे तोरण तक किसी का हाथ नहीं पहुंचा, ऊंचाई कम करते ही झपटकर ले भागे नारियल

पोला पर्व के अवसर पर किसानों ने बैलों को कराई हनुमान मंदिर की परिक्रमा

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 01:36 PM IST
Celebrated Pola festival in Burhanpur

बुरहानपुर. पोला पर्व पर इंदौर-इच्छापुर हाईवे के बीच टंगे शक्ति का स्वरूप 12 फीट ऊंचे तोरण (नारियल) तक किसी का हाथ नहीं पहुंचा। उसकी ऊंचाई कम करते ही कुछ युवक झपटकर नारियल ले भागे।


शहरभर में पोला पर्व का भारी उत्साह दिखा। सज-धजकर बैल जोड़ी अपने-अपने क्षेत्र के हनुमान मंदिर पहुंचे। परिक्रमा लगाने के बाद बैलों ने बैठकर मत्था टेका और शक्ति के प्रतीक तोरण के नीचे से निकले। रास्तीपुरा में पोला का मेला लगा जिसमें तोरण तोड़ने के लिए युवाओं को जमावड़ा लगा। करीब आधे घंटे तक तोरण किसी के हाथ नहीं आया तो उसकी ऊंचाई कम की गई। उसके बाद नारियल तोड़ने की होड़ मच गई। धक्का-मुक्की में कुछ हाईवे पर गिर पड़े। जद्दोजहद के बाद एक युवक नारियल ले भागा। उत्सव में पांडूरंग जाधव, चिंतामन महाजन, भूरेलाल महाजन, श्रीकृष्ण कौशिक, रामचंद्र पंजराए आदि मौजूद रहे।


उत्सव देखने को 3 हजार लोग पहुंचे
खरीफ की फसल ढाई माह की सुरक्षित खड़ी है, जिससे उल्लास और उत्साह बढ़ गया। तोरण के बीच टंगा नारियल एक शक्ति स्वरूप है। रास्तीपुरा में 3 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। तोरण टूटने तक बैलों को खड़े रखा। उसके बाद घर-घर जाकर नैवेद्य का भाेग लगाया। उनके बाद बैल मालिकों ने उपवास तोड़ा।


डेढ घंटे हाईवे पर थमा रहा ट्रैफिक
6.45 बजे तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों के पहिए थमे रहे। सवा घंटे रास्तीपुरा से कोई वाहन नहीं गुजरा। शाहपुर के पुराने बेरियर और ट्रांसपोर्ट नगर के पास भारी वाहनों को रोका। दोनों ओर करीब डेढ घंटे तक जाम की स्थिति बनी। शाम 7 बजे के बाद छोटे वाहनों को छोड़ा गया।


200 साल से प्रथा आज भी जारी
रास्तीपुरा के अलावा बाड़ा गांव नवापुरा, मालीवाड़ा, बोहडला सहित अन्य क्षेत्रों में बैलों की दौड़ लगाई। बुरहानपुर जिले में ये प्रथा 200 साल पुरानी है। महाराष्ट्र बार्डर पर होने से उत्सव जिलेभर में मनाया गया।

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