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भरोसे के साथ आरोपी के घर खेलने गई थी 6 साल की बालिका, संरक्षक की उम्र में 60 साल के बुजुर्ग ने किया घृणित कृत्य, उम्रकैद

जघन्य और सनसनीखेज मामले में पॉक्सो एक्ट विशेष न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे की अदालत ने दिए फैसले में कहा

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 12:06 PM IST

खंडवा. अपने घर खेलने आई छह साल की बालिका से दुष्कृत्य करने के आरोपी 60 साल के बुजुर्ग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। इसमें से 10 हजार रुपए बतौर प्रतिकर बालिका को दिए गए। फैसला पॉक्सो एक्ट विशेष न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे की अदालत ने दिया। अभियोजन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य और सनसनीखेज के रूप में चिह्नित किया गया था। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा बालिका विश्वास के साथ आरोपी के घर खेलने गई थी। लेकिन संरक्षक के बजाय उम्रदराज आरोपी ने उसके साथ घृणित कृत्य किया।


जिला अभियोजन कार्यालय के मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बताया गुड़ीखेड़ा में 11 जनवरी 2018 को सुबह 10.30 बजे 6 वर्षीय बालिका 60 साल के आरोपी ठाकुर पिता नापा के यहां खेलने गई थी। ठाकुर ने उसके साथ दुष्कृत्य किया। बालिका की बहन उसे लेने गई तो देखा आरोपी उसके साथ दुष्कृत्य कर रहा है और बहन रो रही है। इस पर वह अपनी दादी को बुलाने गई। दादी के साथ लौटी तब भी आरोपी ठाकुर बालिका के साथ यही कृत्य कर रहा था। दादी चिल्लाई तो आरोपी घर से निकलकर भाग गया। लोगों ने उसे पकड़ लिया और पिपलोद थाने ले गए। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया। विवेचना अधिकारी टीआई आनंद राज ने डॉक्टर से बालिका को आई चोटों की क्यूरी कराई। इससे आरोपी द्वारा किए गए दुष्कृत्य की पुष्टि हुई। अदालत ने सोमवार को आरोपी ठाकुर को भादंसं की धारा 376 (2-झ) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5 के तहत दोषी पाया। धारा 376 (2) के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में मप्र अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत प्रदेश सरकार से भी बालिका को प्रतिकर दिलाने की सिफारिश की गई।


कोर्ट ने फैसला सुनताते हुए कहा - समाज में महिलाओं के प्रति घटनाएं बढ़ रही हैं। बालिका विश्वास के साथ आरोपी के घर खेलने गई थी। आरोपी ने उसकी अबोध स्थित का फायदा उठाकर उसके साथ बलात्संग किया। आरोपी उम्रदराज है। उसकी स्थिति बच्चों के संरक्षक की रहती है, परंतु उसने अपने घर खेलने अाई बालिका के साथ घृणित कृत्य किया है।