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अतिवृष्टि से लार्वा पनपा, सात लोगों में डेंगू के लक्षण, रोजाना वायरल बुखार के 400 मरीज

8 महीने पहले
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  • सराफा क्षेत्र में तीन लोगों में लक्षण मिले, निजी अस्पताल में भर्ती
  • शहर में मलेरिया विभाग ने किया लार्वा सर्वे
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खरगोन. इस साल अतिवृष्टि ने डेंगू के मरीज बढ़ा दिए हैं। अतिवृष्टि से मलेरिया के मरीज तो कम सामने आ रहे हैं लेकिन साफ पानी के कारण डेंगू का लार्वा मिल रहा है। शहर में पांच लोगों को डेंगू के लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा सर्वे किया है। शहर के सराफा क्षेत्र में तीन लोगों में लक्षण मिले हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
 
संजय नगर व सुदामा नगर में दो लोगों के सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स कम निकले हैं। उन्हें इंदौर रैफर किया है। शुक्रवार को मलेरिया विभाग ने सुदामा नगर, नूतन नगर व सीएमएचओ परिसर में लार्वा सर्वे किया है। यहां 35 स्थानों पर लार्वा मिला है। निजी पैथोलॉजी में रोजाना 10 से 15 लोगों में डेंगू के लक्षण सामने आ रहे हैं। यह रिपोर्ट धीरे से मलेरिया विभाग के पास पहुंचती है। विभाग के पास फिलहाल सही आंकड़ा मौजूद नहीं है।
 

दीपावली पर आए दो विद्यार्थियों को डेंगू
दीपावली पर भोपाल व इंदौर में पढ़ाई व नौकरी करने वाले कई लोग खरगोन आए। यहां उनकी तबीयत खराब हो गई है। जांच में एक विद्यार्थी के प्लेटलेट्स कम मिले तो दूसरे को डेंगू निकला। दोनों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
 

डेंगू लक्षण के बारे में वह सबकुछ जो आप जानन चाहते हैं

  • 140,000 से प्लेटलेट्स कम तो बीमारियां शुरू : इसे पता लगाने का तरीका ब्लड टेस्ट ही है। एक स्वस्थ इंसान में 140,000 से 450,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर होते हैं। यदि प्लेटलेट्स 140,000 से कम हैं तो शरीर में कुछ बीमारी शुरू हो चुकी है। 30 हजार प्लेटलेट्स होने पर शरीर से खून निकलता है।
  • यह कारण है : शरीर में इंफेक्शन के कारण एनीमिया, वायरल इन्फेक्शन, डेंगू, विटामिन की कमी आदि तो ब्लड प्लेटलेट्स का बनना कम हो जाता है। भारी दवा के कारण, प्रेग्नेंसी के कारण, स्प्लीन से जुड़ी बीमारी के कारण। पाचन तंत्र में खराबी के कारण सहित किसी अन्य बीमारी के कारण प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं। कैंसर या दिल की बीमारी में उपयोगी दवाइयां भी ब्लड प्लेटलेट्स कम होने का कारण बनती है।
  • रजनी डावर, सीएमएचओ शरीर कई जगह नीला हो जाता है, क्योकि शरीर की कोशिकाओं में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी के कारण ब्लीडिंग होने लगती है। दांतों, मसूढ़ों व यूरीन से खून निकलता है। स्प्लीन का साइज बढ़ जाना। कोशिकाओं का स्किन के ऊपर दिखने लग जाना। नाक से खून निकलना। पीरियड्स में बहुत ज्यादा खून निकलना। कमजोरी आदि लक्षण है।

प्लेटलेट्स बढ़ाने के तरीके : सेब, अनार, नारियल पानी का करें सेवन : प्रोटीन, विटामिन ए, सी, के, फोलेट, जिंक, फोलिक एसिड, सेलेनियम आदि पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना, प्लेटलेट्स में वृद्धि करने में कारगर उपाय साबित होगा। दही, आंवला, लहसुन, ग्रीन टी के साथ ही नारियल पानी, अनार, पपीता, सेब, चुकंदर जैसे फल व पपीते के पत्तों का रस पीना लाभदायक है। रोजाना एलोवेरा का सेवन या जूस पीना चाहिए। ज्वारों का उपयोग, गिलोय का उपयोग प्लेटलेट्स बढ़ाता है।
ज्यादा वायरल बुखार के मरीज, कलेक्टर के साथ होगी बैठक 
जिलेभर में वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में रोजाना वायरल बुखार से पीड़ित 400 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों की माने तो डेंगू के मच्छरों के कारण वायरल बुखार की शुरुआत होती है। डेंगू के लक्षण 3 से 5 दिन में सामने आते हैं। इसमें देरी हुई तो मरीज की जान भी जा सकती है। उसे स्वस्थ होने में एक सप्ताह का समय लगता है। वायर बुखार को लेकर कलेक्टर गोपालचंद्र डाड जल्द बैठक लेंगे।
 

जिला अस्पताल में डेंगू जांच की सुविधा नहीं
जिला अस्पताल में डेंगू जांचने की कोई सुविधा नहीं है। यहां सीबीसी (ब्लड काउंट सेल) की जांच होती है। इसमें प्लेटलेट्स कम मिले तो डेंगू के लक्षण मान लो फिर भले ही अन्य बीमारी हो। मरीजों को मजबूरी में निजी पैथोलॉजी में जांच कराना पड़ती है। एक जांच 640 रुपए की होती है।
 
 

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