कर्जमाफी / जिले के 31 हजार किसानों का 184.42 करोड़ रुपए कर्ज और ब्याज होगा माफ



सरकार की नई कर्ज माफी योजना को छलावा बता कर भारतीय किसान संघ किसानो को अवगत करा रहा है। सरकार की नई कर्ज माफी योजना को छलावा बता कर भारतीय किसान संघ किसानो को अवगत करा रहा है।
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सरकार की नई कर्ज माफी योजना को छलावा बता कर भारतीय किसान संघ किसानो को अवगत करा रहा है।सरकार की नई कर्ज माफी योजना को छलावा बता कर भारतीय किसान संघ किसानो को अवगत करा रहा है।

  • कांग्रेस की पहली कैबिनेट बैठक में मापदंड के आधार पर सहकारिता विभाग ने निकाला आंकड़ा
  • जिले में कुल 65 हजार किसान खेती करते हैं, इनमें से 40 हजार किसान सोसायटियों के सदस्य 
  • 2007 से 2018 तक कर्ज लेने वाले बुरहानपुर के 31 हजार 238 किसान सामने आए 

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 11:18 AM IST

बुरहानपुर. कांग्रेस सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में लिए फैसले के अनुसार जिले के 31 हजार किसानों का 184.42 करोड़ रुपए का कर्ज और ब्याज माफ होगा। सहकारिता विभाग ने कैबिनेट के फैसले के अनुसार बताए मापदंड के आधार पर जिला स्तर से यह आंकड़ा निकाला है।

 

जिले में कुल 65 हजार किसान खेती करते हैं। इनमें से 40 हजार किसान सोसायटियों के सदस्य हैं। उन्हें ऋण मुहैया कराने के लिए सहकारिता विभाग की कुल 10 शाखाओं के अंतर्गत 52 सोसायटियां संचालित हैं। सहकारिता विभाग की जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2018 तक के अल्प अवधि में सोसायटी से कर्ज लेने वाले बुरहानपुर के लगभग 31 हजार 238 किसान सामने आए हैं। इन पर सरकार का कुल 184.42 करोड़ रुपए बकाया आ रहा है। यानी 11 साल तक उन डिफाल्टर किसानों ने सोसायटियों का कर्ज नहीं चुकाया था। इसमें मूलधन 119.39 करोड़ रुपए और ब्याज की राशि 65.03 करोड़ रुपए शामिल है। लगभग 9 हजार कर्जदार किसान ऐसे हैं, जिन्हें कर्ज माफी का लाभ नहीं मिल पाएगा।

 

सभी किसानों का हो कर्ज माफ, किसान संगठन पदाधिकारी सौंपेंगे पत्र: कांग्रेस की इस कर्ज माफी को लेकर प्रगतिशील किसान संगठन और भारतीय किसान संगठन ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रगतिशील किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रघुनाथ पाटील ने कहा कांग्रेस का दो लाख रुपए तक की कर्ज माफी का फार्मूला फेल हो गया है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार कर्ज माफी में पांच एकड़ से ज्यादा खेती वाला किसान नहीं आएगा। उसमें भी सिर्फ दो लाख रुपए तक का ही कर्ज माफ होगा। दो लाख से ज्यादा वाले किसानों का कर्ज माफ नहीं होगा। जबकि, हर किसान को सोसायटी से 3 लाख रुपए का ही कर्ज मिलता है। ऐसे अधिकांश किसानों को कर्ज माफी का लाभ नहीं मिलेगा। प्रगतिशील किसान संगठन सोमवार-मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचेगा। यहां कलेक्टर उमेश कुमार को मांग पत्र सौंपकर मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे।

 

कांग्रेस के वचन पत्र और कैबिनेट के फैसले में बहुत अंतर : भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों को कांग्रेस के कर्ज माफी की नीति बता रहे हैं। जिलाध्यक्ष नरेंद्र जाधव किसानों को जागरूक कर रहे हैं। अध्यक्ष के अनुसार कांग्रेस सरकार के वचन पत्र और कैबिनेट के फैसले में बहुत अंतर है। यह एक प्रकार से किसानों के साथ छलावा है। घोषणा पत्र में उन्होंने सिर्फ किसानों की कर्ज माफी की बात कही। लेकिन अब ये छलावा कर किसानों की भावनाओं से खेल रहे हैं। 

 

 कैबिनेट के फैसले के अनुसार हमने जिले के किसानों का आंकड़ा निकाला है। इसमें लगभग 31 हजार किसानों का कर्ज माफ हो सकता है। अभी सर्कुलर मिला नहीं है, हालांकि जिला स्तर पर हमारी तैयारी है।

जेएल बर्डे, उपायुक्त सहकारिता विभाग बुरहानपुर 

शनिवार को ही तो कैबिनेट में मंजूरी मिली है। कर्ज माफी का सर्कुलर अभी तक नहीं आया है। किसानों का मिलान करना बाकी है। सहकारिता विभाग ने अपने स्तर पर डाटा जुटाया है।

उमेश कुमार, कलेक्टर बुरहानपुर 

कंट्रोलिंग ऑफिस से स्थानीय स्तर पर डाटा जुटाने का मना किया है। भोपाल एसएलबीसी से जिले के किसानों का रिकार्ड आना बाकी है। इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कितने किसान कर्ज माफी की कैटेगरी में आ रहे हैं।

एके चारण, मैनेजर लीड बैंक बुरहानपुर
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