खंडवा-अकोला गेज कन्वर्जन / मेलघाट टाइगर रिजर्व से ट्रैक निकालने की अनुमति रद्द, ट्रैक डायवर्ट हुआ तो 4 स्टेशन कम होंगे, दो नए बढ़ेंगे

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • अमरावती-अकोला और बुलढ़ाना जिले में मेलघाट टाइगर रिजर्व का हिस्सा आता है
  • ट्रैक डायवर्ट करने से 30 किमी का फेरा बढ़ेगा, 500 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2020, 04:26 PM IST

खंडवा. खंडवा-अकोला गेज कन्वर्जन के बीच एक और रोड़ा अटक गया है। नागपुर हाईकोर्ट के वकील ने मेलघाट टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए ट्रैक डायवर्ट करने याचिका लगाई थी। इसके बाद वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने यहां से ट्रैक निकालने की अनुमति 54वीं बैठक में रद्द कर दी। इसके अध्ययन के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सीईसी (केंद्रीय पर्यावरण समिति) की टीम 11 फरवरी से मेलघाट रिजर्व में डेरा डाले हुए हैं।

मेलघाट से एक हाईवे भी निकलता है। पीडब्ल्यूडी ने यहां से सीमेंट की सड़क बनाने की अनुमति मांगी थी, इसे भी रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के वकील मनीष जेसवानी ने ट्रैक डायवर्ट करने की मांग की। यदि ट्रैक डायवर्ट हुअा तो पुराने ट्रैक पर आने वाले चार स्टेशन कम हो जाएंगे। जबकि दो नए स्टेशन सोनाला और जलगांव जामोद जुड़ जाएंगे। नए रूट पर उसरनी से जामोद के बीच 6.5 किमी लंबी सुरंग भी निकलेगी। ट्रैक डायवर्ट के पीछे वकील की दलील है कि मेलघाट रिजर्व के पास से ट्रैक निकलता है तो वन्य जीवों को खतरा रहेगा। पूर्व में वन विभाग की मंजूरी नहीं मिलने से काम अटका था, लेकिन 2018 में पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वन विभाग का क्लियरेंस दिया था।

खंडवा से अमलाखुर्द के बीच चल रहा अर्थ वर्क
उधर रेल संपर्क कॉरिडोर के तहत अकोला से ढोण (नांदेड़ सिकंदराबाद धर्मावरम ढोण) मार्ग के दोहरीकरण व विद्युतीकरण के लिए छह हजार करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुअा है। इसमें से लगभग 40 करोड़ रुपए मिले हैं और अकोला से पूर्णा के बीच काम शुरू भी हो गया है। रेलवे मामलों के जानकर सैयद रियाज अली के मुताबिक परभणी-पूर्णा-नांदेड़ मुदखेड के बीच 81 किमी रेल मार्ग का दोहरीकरण पूरा हो गया है। 17 फरवरी 2020 को इस पर यातायात शुरू हो जाएगा।

30 किमी का फेरा बढ़ेगा, 500 करोड़ का बोझ बढ़ेगा
हाईकोर्ट के वकील मनीष जेसवानी ने बताया ट्रैक डायवर्ट करने से 30 किमी का फेरा बढ़ेगा। इस पर रेलवे को 500 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। सोनाला और जलगांव जामोद नए ट्रैक से जुड़ने से दो लाख की आबादी को फायदा होगा। आय भी बढ़ेगी। मेलघाट टाइगर रिजर्व से ट्रैक और सीमेंट की सड़क बनाने की मंजूरी को वाइल्ड लाइफ बोर्ड खारिज कर चुका है।

  • रूट बदला तो : तुकईथड़ से उसरनी, जलगांव जामोद, सोनाला, हिवरखेड़ के बाहर से व आकोट होते हुए ट्रेन अकोला जाएगी।
  • यह स्टेशन कम हो जाएंगे : दाबका, धूलघाट, वानरोड और हिवरखेड़। हिवरखेड़ के लोगों ने हिवरखेड़-जामोद सोनाला-तुकईथड़ मार्ग से परिवर्तित करने की मांग की है।
  • रेलमंत्री को किया ई-मेल : जनमंच के चंद्रकुमार सांड ने रेल मंत्री को ई-मेल किया है। इसमें रूट डायवर्ट कर या बिना करे गेज कन्वर्जन शीघ्र शुरू किए जाने की मांग की है।

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