सफाई / तीन दिन बाद रिजर्व ईवीएम जमा कराने के मामले में पंधाना एसडीएम बोले- भूल हो गई

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 10:48 AM IST



khandwa reserve evm submitted after 3 days pandhana sdm accepted mistake
X
khandwa reserve evm submitted after 3 days pandhana sdm accepted mistake
  • comment

  • खंडवा, पंधाना के बाद अब कलेक्टर ने हरसूद एसडीएम को दिया शोकाज नोटिस
  • एसडीएम ने फोन पर दी थी प्रत्याशियों को स्ट्रांग रूम सीलिंग की जानकारी

खंडवा. विधानसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग के आठ दिन बाद गुरुवार को आखिरकार पंधाना एसडीएम ने अपनी भूल स्वीकार कर ली ही। बोले- काम का दबाव ज्यादा था, इसलिए वोटिंग वाले दिन ही रिजर्व ईवीएम जमा नहीं करा पाए। यह सफाई एसडीएम ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर को भेजी है। इसी बीच कलेक्टर ने हरसूद एसडीएम को भी शोकाज नोटिस जारी कर दिया है। क्योंकि उन्होंने फोन पर ही प्रत्याशियों को स्ट्रांग रूम सीलिंग की जानकारी दी थी।

 

विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान के बाद जिला निर्वाचन विभाग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मतदान के तीन दिन बाद पंधाना विधानसभा क्षेत्र से तीन रिजर्व ईवीएम का आना, खंडवा विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम द्वारा प्रत्याशियों से कहना मैं फोन पर स्ट्रांग रूम सीलिंग की जानकारी दूंगा... के बाद अब हरसूद एसडीएम जगदीश मेहरा का मामला भी सामने आया है। उन्होंने भी हरसूद विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों को लिखित के बजाय फोन पर ही स्ट्रांग रूम सीलिंग की जानकारी दी।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने हरसूद एसडीएम मेहरा को भी शोकाज नोटिस जारी किया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि 2 दिसंबर को पत्रकारवार्ता में कलेक्टर गढ़पाले ने दावा किया था कि जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा स्ट्रांग रूम सीलिंग की सूचना सभी राजनीतिक दलों को दी गई थी। संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (एसडीएम) ने लिखित या दूरभाष पर उन्हें सूचित किया था। ऐसे में कलेक्टर द्वारा इसी मामले में एसडीएम हरसूद को दिए शोकाज नोटिस से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

 

खुरई में रिटर्निंग ऑफिसर को हटाया, खंडवा में क्यों बचा रहे : विधानसभा क्षेत्र खुरई से मतदान के 48 घंटे बाद 48 ईवीएम सागर के स्ट्रांग रूम जमा कराने के मामले में खुरई के रिटर्निंग ऑफिसर विकास सिंह को तो हटा दिया गया, लेकिन खंडवा में पंधाना एसडीएम एवं रिटर्निंग अधिकारी आरएस बालोदिया को अब तक बचाया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों? जबकि दोनों ही मामले एक जैसे हैं।
 

कलेक्टर भी बचते रहे सवालों से : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशेष गढ़पाले इस संबंध में सवाल पूछना चाहे तो वे इनसे बचते रहे। भास्कर ने गुरुवार रात उन्हें फोन लगाया तो बोले- अभी व्यस्त हूं। एक-डेढ़ घंटे बाद फोन लगाना। हमने 8.05 बजे उन्हें मैसेज किया, फिर भी जवाब नहीं आया। रात 9.18 बजे फिर उन्हें फोन लगाया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
 

ईवीएम जमा कराने के बाद देना था प्रमाण पत्र, ऐसा नहीं किया : सूत्रों के मुताबिक भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के बाद ईवीएम जमा कराने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे। आयोग ने लिखा था कि मतदान के बाद उपयोग के साथ ही खराब एवं रिजर्व ईवीएम का मिलान कर एक पत्र रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को देना होगा।

 

चुनाव में संलग्न अधिकारियों ने कहा यदि 28 नवंबर को मतदान के बाद जब ईवीएम जमा की जा रही थी तब जारी किए गए ईवीएम और जमा ईवीएम का मिलान कर आरओ पत्र देते तो पंधाना के तीन रिजर्व ईवीएम के छूटने की जानकारी सामने में आ जाती।

 

ऐसा पंधाना एसडीएम आरएस बालोदिया ने नहीं किया। कलेक्टर को भी ईवीएम की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव भोपाल को भेजना थी, लेकिन इन्होंने नहीं भेजी।

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन